Shivam Autotech: FY26 में भारी नुकसान का झटका, अब 'Rights Issue' के जरिए पूंजी जुटाएगी कंपनी

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Shivam Autotech: FY26 में भारी नुकसान का झटका, अब 'Rights Issue' के जरिए पूंजी जुटाएगी कंपनी

Shivam Autotech ने FY26 के नतीजों में **₹81.33 करोड़** का नेट लॉस रिपोर्ट किया है। लिक्विडिटी की कमी के कारण उत्पादन प्रभावित हुआ है। अब कंपनी राइट्स इश्यू और प्रमोटर लोन को इक्विटी में बदलकर स्थिति सुधारने की योजना बना रही है।

फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर

कंपनी के लिए FY 2025-26 काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। साल-दर-साल आधार पर नेट लॉस ₹48.04 करोड़ से बढ़कर ₹81.33 करोड़ पर पहुंच गया है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू ₹453.98 करोड़ से घटकर ₹409.58 करोड़ रह गया है। कंपनी का EBITDA भी गिरकर ₹31.80 करोड़ पर आ गया है, जिससे मार्जिन 7.76% पर सिमट गया है।

रिकवरी की उम्मीद

मैनेजमेंट के अनुसार, लिक्विडिटी की समस्याओं ने प्रोडक्शन को काफी हद तक बाधित किया था, लेकिन वित्त वर्ष के अंत में हालात सुधर रहे हैं। Q4 में रेवेन्यू में 13.7% (QoQ) की ग्रोथ दिखी है, जो एक पॉजिटिव संकेत माना जा रहा है।

कंपनी का मास्टर प्लान

बैलेंस शीट को मजबूत करने के लिए बोर्ड ने ऑथोराइज्ड शेयर कैपिटल को ₹44 करोड़ से बढ़ाकर ₹55 करोड़ करने का प्रस्ताव दिया है, ताकि 'राइट्स इश्यू' (Rights Issue) के जरिए फंड जुटाया जा सके। साथ ही, कंपनी का लक्ष्य प्रमोटर द्वारा दिए गए अनसिक्योर्ड लोन को इक्विटी में बदलकर कर्ज का बोझ कम करना है।

ऑडिटर्स की चेतावनी और कॉर्पोरेट गवर्नेंस

निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है क्योंकि ऑडिटर्स ने इंटरनल फाइनेंशियल कंट्रोल पर सवाल उठाए हैं। स्टॉक मैनेजमेंट और मटेरियल कंजप्शन के हिसाब-किताब में कमियां पाई गई हैं। इसके अलावा, MCA पोर्टल पर फाइलिंग में देरी और तकनीकी खामियों के चलते गवर्नेंस को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। मैनेजमेंट का कहना है कि वे फिजिकल वेरिफिकेशन के जरिए इन खामियों को दूर करने की प्रक्रिया में हैं।

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