Setco Automotive ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Lava Cast Private Limited के विलय को मंजूरी दी है। इस प्रक्रिया में नए शेयर जारी नहीं होंगे और न ही कोई नकद भुगतान किया जाएगा। साथ ही, कंपनी अपने विदेशी बिजनेस स्ट्रक्चर को भी सुव्यवस्थित करने की तैयारी कर रही है।
विलय का गणित और रणनीति
कंपनी ने अपने बोर्ड की बैठक में Lava Cast Private Limited (LCPL) के विलय के लिए एक नई योजना पर मुहर लगाई है। यह फैसला मार्च 2026 की पुरानी मंजूरी को बदलता है। चूंकि LCPL पूरी तरह से Setco Automotive की सब्सिडियरी है, इसलिए इस मर्जर में निवेशकों को घबराने की जरूरत नहीं है—न तो कोई नया शेयर जारी किया जाएगा और न ही कंपनी की तिजोरी से कोई कैश बाहर जाएगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
इस विलय का मुख्य मकसद प्रशासनिक जटिलताओं को खत्म करना है। अलग-अलग कंपनी होने के कारण जो कानूनी, ऑडिट और एडमिनिस्ट्रेटिव खर्च होता था, अब उसमें कमी आएगी। यह 'कॉस्ट कटिंग' का सीधा असर कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर देखने को मिलेगा।
विदेश में होगा बड़ा बदलाव
केवल भारत में ही नहीं, Setco Automotive अपनी विदेशी इकाइयों पर भी कैंची चलाने वाली है। कंपनी ने 'इन-प्रिंसिपल' मंजूरी दी है जिसके तहत विदेशी बिजनेस ऑपरेशंस का पुनर्गठन (Rationalization) किया जाएगा। इसमें चुनिंदा विदेशी इकाइयों को बंद करना या बिजनेस का ट्रांसफर शामिल हो सकता है।
फाइनेंशियल रिपोर्ट पर एक नजर
आंकड़ों के हिसाब से चुनौती बड़ी है। 31 मार्च 2026 तक, Lava Cast का टर्नओवर ₹87.78 करोड़ रहा, जबकि कंपनी की नेट वर्थ नेगेटिव ₹136.71 करोड़ थी। वहीं पैरेंट कंपनी Setco Automotive का कंसोलिडेटेड टर्नओवर ₹804.93 करोड़ और नेट वर्थ नेगेटिव ₹708.17 करोड़ थी।
अब निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कंपनी अपनी विदेशी सब्सिडियरीज को लेकर क्या ठोस कदम उठाती है और इससे भविष्य में बॉटम-लाइन में कितना सुधार आता है।
