Schaeffler India ने Q3 CY26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **27.4%** बढ़कर **₹3,005 करोड़** पर पहुंच गया है, जिसे मुख्य रूप से इंडस्ट्रियल और एक्सपोर्ट डिमांड का सहारा मिला है।
मुनाफे की रफ्तार और मार्जिन का गणित
Q3 CY26 में Schaeffler India ने ₹3,005 करोड़ का रेवेन्यू और ₹370 करोड़ का नेट प्रॉफिट (PAT) दर्ज किया है। हालांकि, टॉप-लाइन ग्रोथ के बावजूद कंपनी के EBITDA मार्जिन में मामूली गिरावट देखी गई है, जो पिछले तिमाही के 19.1% से घटकर 18.7% पर आ गए हैं। इसका मुख्य कारण कच्चे माल की बढ़ती लागत और फ्यूल कीमतों में अस्थिरता रही है।
एक्सपोर्ट का जोर
कंपनी के लिए अच्छी खबर यह है कि एक्सपोर्ट में 46.3% की भारी उछाल आई है, जो यूरोप और एशिया-पैसिफिक बाजारों में कंपनी की मजबूत पकड़ को दर्शाता है। मैनेजमेंट के अनुसार, अभी भी लागत वृद्धि का करीब 50% हिस्सा ग्राहकों पर डालने की प्रक्रिया जारी है।
कॉर्पोरेट अपडेट और अटकलें
मैनेजमेंट ने मार्केट में चल रही अफवाहों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि Vitesco India के साथ विलय की कोई योजना नहीं है। साथ ही, प्रमोटर हिस्सेदारी बेचने की खबरों पर मैनेजमेंट ने कहा कि यह केवल गवर्नेंस के नजरिए से एक विचार है, अभी तक कोई समय सीमा या हिस्सा तय नहीं किया गया है।
निवेशकों के लिए जोखिम और आगे का रास्ता
निवेशकों को कंपनी के इन्वेंट्री लेवल और e-mobility से जुड़े विकास खर्चों पर नजर रखनी चाहिए, जो फिलहाल मार्जिन पर दबाव बना रहे हैं। कंपनी ने CY26 के लिए ₹500 करोड़ का Capex गाइडेंस दिया है, जिसे पूरा करने या उससे अधिक खर्च करने की उम्मीद है। अब बाजार की नजर इस पर होगी कि क्या कंपनी लागत वृद्धि का 80-85% हिस्सा वसूलने के अपने लक्ष्य में कामयाब हो पाती है या नहीं।
