ऑटोमोटिव सेक्टर में 90% लोकलाइजेशन और रेलवे सेक्टर से मिल रही मजबूत ग्रोथ के दम पर Schaeffler India का रेवेन्यू इस साल ₹10,000 करोड़ का आंकड़ा पार करने की राह पर है। कंपनी अब इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और Vitesco के एकीकरण पर फोकस कर रही है।
बड़े लक्ष्य की ओर कंपनी
Schaeffler India के मैनेजमेंट, जिसका नेतृत्व एमडी हर्षा कदम कर रहे हैं, ने पुष्टि की है कि मौजूदा प्रदर्शन को देखते हुए कंपनी ₹10,000 करोड़ के रेवेन्यू माइलस्टोन को छूने की पूरी तैयारी में है। कंपनी का ओवरऑल लोकलाइजेशन रेट 80% के करीब है, जो इसे इम्पोर्ट उतार-चढ़ाव से बचाता है।
रेलवे सेक्टर बना ग्रोथ इंजन
कंपनी के लिए रेलवे सेक्टर एक प्रमुख रेवेन्यू ड्राइवर बनकर उभरा है। वंदे भारत प्रोजेक्ट और देश में बढ़ते इलेक्ट्रिफिकेशन का सीधा फायदा कंपनी को मिल रहा है, और अब कुल रेवेन्यू में रेलवे का योगदान 13% से 14% तक पहुंच गया है।
Vitesco इंटीग्रेशन और ईवी रणनीति
Vitesco की औपचारिक कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है, हालांकि कंपनी पहले ही ग्राहकों के लिए एक एकीकृत इकाई के रूप में काम कर रही है। मैनेजमेंट का मानना है कि भारत में फिलहाल प्योर बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों की तुलना में हाइब्रिड टेक्नोलॉजी को तेजी से अपनाया जा रहा है।
रिस्क और चुनौतियां
इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) स्पेस में प्रॉफिटेबिलिटी वॉल्यूम पर टिकी है, जिसे स्केल करने में समय लगेगा। इसके अलावा, कंपनी कमोडिटी लागत का 70% हिस्सा प्राइसिंग इंडेक्सिंग के जरिए रिकवर कर लेती है, लेकिन शेष 30% के लिए उन्हें ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर निर्भर रहना पड़ता है।
निर्यात का गणित
कंपनी के एक्सपोर्ट मिक्स में यूरोप की हिस्सेदारी 50%, दक्षिण पूर्व एशिया की 25% और चीन व अमेरिका की संयुक्त हिस्सेदारी 25% है।
