SML Mahindra ने FY26 में टैक्स के बाद रिकॉर्ड **₹159.75 करोड़** का मुनाफा कमाया है, जो पिछले साल से **31.3%** ज्यादा है। कंपनी की सेल्स वॉल्यूम **17%** बढ़कर **16,632** व्हीकल्स पर पहुंच गई, जिसका श्रेय Mahindra & Mahindra के साथ सफल इंटीग्रेशन को जाता है।
SML Mahindra की दमदार परफॉरमेंस!
SML Mahindra Limited (पहले SML Isuzu Limited) ने वितीय साल 2025-26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने टैक्स के बाद ₹159.75 करोड़ का अब तक का सबसे बड़ा मुनाफा (PAT) दर्ज किया है। यह पिछले साल के ₹121.67 करोड़ के मुकाबले 31.3% की शानदार बढ़ोतरी है। कंपनी की सेल्स वॉल्यूम में भी 17% का इजाफा हुआ है, जो 16,632 व्हीकल्स तक पहुंच गई। कुल आय ₹2846.2 करोड़ रही, जबकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन 10.10% दर्ज किया गया।
M&M के साथ इंटीग्रेशन का बड़ा असर
यह नतीजे कंपनी के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित हुए हैं, खासकर Mahindra & Mahindra Limited (M&M) द्वारा अधिग्रहण के बाद। रिकॉर्ड मुनाफा और बिक्री में बढ़ोतरी, महिंद्रा ग्रुप में कंपनी के सफल इंटीग्रेशन का सीधा असर दिखाती है। ICRA द्वारा क्रेडिट रेटिंग को AA+ तक बढ़ाए जाने से कंपनी की वित्तीय स्थिति और मजबूत हुई है, जिससे भविष्य में कर्ज लेने की लागत कम हो सकती है।
क्या बदला है?
वित्तीय वर्ष 2025-26 में कंपनी के मालिकाना हक में बड़ा बदलाव आया। 1 अगस्त 2025 को Mahindra & Mahindra ने कंपनी में 58.96% हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया, जिसके बाद Sumitomo Corporation और Isuzu Motors की एग्जिट हुई। इसी के चलते 8 अक्टूबर 2025 को कंपनी का नाम 'SML Isuzu Limited' से बदलकर 'SML Mahindra Limited' कर दिया गया।
आगे क्या?
M&M के साथ इंटीग्रेशन से कंपनी को ऑपरेशनल सिनर्जी (operational synergies) का फायदा मिलने की उम्मीद है। कंपनी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (electric mobility) पर भी ध्यान केंद्रित कर रही है और इलेक्ट्रिक बस (electric bus) का प्रोटोटाइप भी पेश किया है। साथ ही, कंपनी अपने एक्सपोर्ट मार्केट (export markets) को बढ़ाने की योजना बना रही है। नियंत्रण बदलने के कारण, कंपनी ने अपने नए स्टैच्यूटरी ऑडिटर (statutory auditor) के तौर पर B S R & Co. LLP की नियुक्ति की है, जिसने Walker Chandiok & Co LLP की जगह ली है।
जोखिमों पर एक नजर
वित्तीय साल 2026-27 के लिए मैनेजमेंट ने कुछ संभावित जोखिमों की पहचान की है। इनमें भू-राजनीतिक तनाव (geopolitical tensions) से कच्चे तेल जैसे कमोडिटी (commodity) की कीमतों पर असर, सप्लाई चेन (supply chain) में रुकावटें और महंगाई (inflationary pressures) शामिल हैं। कमर्शियल व्हीकल इंडस्ट्री (commercial vehicle industry) की साइक्लिकल प्रकृति, जो आर्थिक स्थितियों और सरकारी खर्चों के प्रति संवेदनशील है, वह भी एक चिंता का विषय बनी हुई है।
मुख्य आंकड़े
- सेल्स वॉल्यूम: 16,632 व्हीकल्स (FY 2025-26), पिछले साल से 17% ज्यादा।
- प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT): ₹159.75 करोड़ (FY 2025-26), पिछले साल से 31.3% ज्यादा।
- कुल आय: ₹2846.2 करोड़ (FY 2025-26)।
- ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन: 10.10% (FY 2025-26), पिछले साल के 10.03% से बढ़ा।
निवेशकों के लिए आगे क्या?
निवेशकों को इलेक्ट्रिक बस (electric bus) के सफल लॉन्च, एक्सपोर्ट मार्केट (export markets) में विस्तार और कंपनी की इनपुट लागत (input cost) में उतार-चढ़ाव व सप्लाई चेन (supply chain) के जोखिमों को मैनेज करने की क्षमता पर नजर रखनी चाहिए, ताकि मुनाफे का यह सिलसिला जारी रहे।
