Rico Auto Industries ने अपनी 43वीं AGM में फाइनेंशियल ईयर 2026 के नतीजों की घोषणा की है। कंपनी ने **₹52.42 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है और निवेशकों के लिए **₹0.55** प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान किया है।
मजबूत ऑर्डर बुक और नई रणनीति
कंपनी ने अपनी भविष्य की ग्रोथ के लिए एक बड़ा खाका तैयार किया है। Rico Auto के पास ₹2,500 करोड़ का ऑर्डर पाइपलाइन है जिसे अगले 5 सालों में पूरा किया जाएगा। मैनेजमेंट ने अपनी 'Shifting Gears' पहल के जरिए मुनाफे को 3 गुना करने का लक्ष्य रखा है। सबसे अहम बात यह है कि कंपनी अब सिर्फ ऑटो सेक्टर पर निर्भर न रहकर रेलवे और CNC मशीनरी जैसे क्षेत्रों में भी अपने पैर पसार रही है।
फाइनेंशियल हाइलाइट्स
- कंसोलिडेटेड रेवेन्यू: ₹2,477.73 करोड़
- नेट प्रॉफिट: ₹52.42 करोड़
- डिविडेंड: ₹0.55 प्रति शेयर (कुल आउटगो ₹7.44 करोड़)
- एक्सपोर्ट टर्नओवर: ₹337.08 करोड़ (पिछले साल के ₹326.86 करोड़ से ज्यादा)
भविष्य की तैयारी और चुनौतियां
कंपनी अब हाइब्रिड, इलेक्ट्रिक (EV) और पारंपरिक ICE व्हीकल सेगमेंट पर फोकस कर रही है। होसुर (Hosur) में नई मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी तैयार की जा रही है ताकि आने वाले समय की मांग को पूरा किया जा सके। साथ ही, SAP S/4HANA के जरिए ऑपरेशंस को डिजिटल बनाया जा रहा है। हालांकि, एल्युमीनियम जैसे कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव मार्जिन पर दबाव डाल सकता है, जिस पर निवेशकों को नजर रखनी होगी।
