Pritika Auto Industries ने अपनी 46वीं AGM का ऐलान कर दिया है जो 29 सितंबर, 2026 को होगी। इस बैठक में अजय कुमार को जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर बनाने के साथ-साथ ग्रुप कंपनियों के साथ बड़े फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन को मंजूरी दी जाएगी।
AGM का एजेंडा और रणनीति
Pritika Auto Industries अपनी 46वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) के जरिए भविष्य की रणनीति तय करने जा रही है। यह बैठक 29 सितंबर, 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की जाएगी। मीटिंग में दो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स, अमन टंडन और कृतिका गोयल की दोबारा नियुक्ति पर भी चर्चा होगी। साथ ही, कंपनी ने नए फिस्कल ईयर के लिए Verma Khushwinder & Co. को कॉस्ट ऑडिटर नियुक्त किया है।
बड़े फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पर दांव
कंपनी ने शेयरहोल्डर्स से ग्रुप एंटिटीज के साथ 5 साल की लंबी अवधि के लिए बड़े ट्रांजेक्शन (RPTs) की मंजूरी मांगी है। इसमें Pritika Engineering Components Ltd., Meeta Castings Ltd. और Pritika Industries Ltd. के साथ सौदे शामिल हैं। सबसे बड़ा ट्रांजेक्शन Pritika Engineering Components Ltd. के साथ है, जिसकी लिमिट ₹960 करोड़ तक पहुंच सकती है।
लीडरशिप में बदलाव
कॉर्पोरेट गवर्नेंस को मजबूत करने के लिए बोर्ड ने अजय कुमार को होल-टाइम डायरेक्टर से प्रमोट कर जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया है। यह बदलाव 8 अगस्त, 2026 से प्रभावी हो चुका है और यह जिम्मेदारी 31 मार्च, 2028 तक रहेगी।
निवेशकों के लिए जोखिम
भले ही कंपनी इसे 'आर्म्स लेंथ' ट्रांजेक्शन बता रही है, लेकिन इतनी बड़ी राशि और लंबी अवधि के अंतर्निहित वित्तीय निर्भरता (Inter-company financial dependencies) को देखते हुए निवेशकों को सतर्क रहने की जरूरत है। AGM में वोटिंग के नतीजों पर नजर रखना जरूरी होगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ये फैसले माइनॉरिटी शेयरहोल्डर्स के हितों के अनुरूप हैं।
