Popular Vehicles ने Q1 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **44%** बढ़कर **₹1,890 करोड़** पर पहुंच गया है। सबसे खास बात ये है कि कंपनी ने पिछले साल के घाटे को पीछे छोड़ते हुए **₹1.9 करोड़** का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) दर्ज किया है।
Popular Vehicles के Q1 FY27 नतीजे: रेवेन्यू में 44% की छलांग, कंपनी मुनाफे में लौटी
Popular Vehicles and Services ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं। कंपनी ने ₹1,890 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले करीब 44% ज्यादा है। इस तिमाही में कंपनी की कुल आय ₹1,903.1 करोड़ रही, जो 44.6% की बढ़ोतरी दर्शाती है।
निवेशकों के लिए बड़ी खबर
इस शानदार रेवेन्यू ग्रोथ के साथ ही कंपनी ने मुनाफे में भी वापसी की है। कंपनी ने ₹1.9 करोड़ का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) दर्ज किया है, जबकि पिछले साल की पहली तिमाही (Q1 FY26) में उसे ₹11 करोड़ का घाटा हुआ था। कंपनी का EBITDA 86.6% बढ़कर ₹71.5 करोड़ रहा, वहीं एडजस्टेड EBITDA में 82% की बढ़ोतरी के साथ ₹62.0 करोड़ दर्ज किया गया।
क्यों यह खबर अहम है?
Popular Vehicles का ये प्रदर्शन कंपनी की विस्तार योजनाओं और हालिया अधिग्रहणों के सफल एकीकरण को दिखाता है। घाटे से निकलकर प्रॉफिट में आना कंपनी की बढ़ी हुई वित्तीय सेहत और ऑपरेशनल एफिशिएंसी का एक बड़ा संकेत है।
क्या हुआ खास?
कंपनी के हालिया अधिग्रहणों, जैसे R.K.S. Motors, Globe CV, और Olympus Motors, ने अब EBITDA में सकारात्मक योगदान देना शुरू कर दिया है। इन अधिग्रहणों से कुल ₹9.4 करोड़ का अतिरिक्त EBITDA मिला है, जो कंपनी की इनऑर्गेनिक ग्रोथ स्ट्रेटेजी की सफलता को दिखाता है।
रेवेन्यू के मोर्चे पर भी तस्वीर बदली है। पैसेंजर व्हीकल्स (एक्स-लक्जरी) सेगमेंट में 54% की ग्रोथ देखी गई, कमर्शियल व्हीकल्स में 35% की बढ़ोतरी हुई, और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) सेगमेंट 113% की तूफानी तेजी के साथ चमका। पहली बार केरल से आने वाले रेवेन्यू का हिस्सा 50% से नीचे चला गया है, जो भौगोलिक विविधीकरण में सुधार का संकेत है।
किन बातों पर रखें नजर?
कंपनी के मैनेजमेंट ने इस साल के लिए अपने EBITDA मार्जिन के लक्ष्य को 4% के आसपास समायोजित किया है, जो पहले 5% था। इसका कारण कम मार्जिन वाले कमर्शियल व्हीकल्स के बढ़े हुए योगदान को बताया जा रहा है। निवेशकों को इस पर नजर रखनी होगी कि कंपनी इस प्रोडक्ट मिक्स के बदलाव के बीच अपने संशोधित मार्जिन लक्ष्यों को हासिल कर पाती है या नहीं।
