Pavna Industries के लिए FY26 चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का रेवेन्यू घटकर **₹297.04 करोड़** और नेट प्रॉफिट **₹5.29 करोड़** रह गया है। वहीं, प्रमोटर वारंट्स के लिए दिए गए **₹30.30 करोड़** जब्त होने से कंपनी को बड़ा झटका लगा है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी के हालिया नतीजों के मुताबिक, FY26 में कंपनी का रेवेन्यू ₹308.24 करोड़ से गिरकर ₹297.04 करोड़ पर आ गया है। कंपनी के नेट प्रॉफिट (PAT) में 34.2% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। सबसे बड़ा कॉर्पोरेट झटका तब लगा जब प्रमोटर्स द्वारा जारी 24 लाख कन्वर्टिबल वारंट्स की शेष 75% राशि जमा न होने के कारण ₹30.30 करोड़ की अग्रिम राशि जब्त कर ली गई है।
बिजनेस में बड़े बदलाव
कंपनी अब अपने लेगेसी कास्टिंग ऑपरेशंस से दूरी बनाकर नए सेक्टरों में उतर रही है। इसके तहत, बोर्ड ने Swapnil Switches और Pavna Auto Engineering में अपनी 100% हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव रखा है।
नई राह और ग्रोथ के इंजन
- जॉइंट वेंचर: कंपनी ने ताइवान की Smartchip Microelectronics के साथ मिलकर इलेक्ट्रॉनिक लॉक्स बनाने की योजना बनाई है।
- नया निवेश: कंपनी नोएडा में एक R&D सेंटर बना रही है और जेवर एयरपोर्ट के पास 15 एकड़ जमीन हासिल की है।
- विस्तार: होसुर (Hosur) में नया प्लांट FY27 की तीसरी तिमाही तक चालू होने की उम्मीद है।
निवेशकों के लिए कंपनी का यह ट्रांजिशन फेज काफी अहम है। अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि इन सब्सिडियरी की बिक्री से कंपनी को कितनी वैल्यू मिलती है और होसुर का नया प्लांट कब तक पूरी क्षमता से काम करना शुरू करता है।
