Ola Electric Mobility को सरकार की PLI-Auto स्कीम के तहत **₹95.81 करोड़** का इंसेंटिव मिला है। लगातार तीसरे साल कंपनी का इस स्कीम के लिए क्वालिफाई करना उसके मैन्युफैक्चरिंग स्केल और लोकलाइजेशन के प्रति भरोसे को और मजबूत करता है।
भारी-भरकम सरकारी इंसेंटिव
Ministry of Heavy Industries ने Ola Electric के लिए ₹95.81 करोड़ के सैंक्शन ऑर्डर को मंजूरी दे दी है। यह राशि कंपनी को 'डिमांड इंसेंटिव' के तौर पर दी जा रही है, जिसे IFCI Limited के जरिए प्रोसेस किया जाएगा। इस ताजा पेमेंट के बाद पिछले तीन सालों में कंपनी को मिलने वाला कुल इंसेंटिव ₹536 करोड़ के पार पहुंच गया है।
क्यों है यह अहम?
शेयरधारकों के लिए यह एक बड़ी राहत है क्योंकि यह पैसा 'नॉन-डाइल्यूटिव कैपिटल' के तौर पर कंपनी की बैलेंस शीट में जुड़ेगा। यह इस बात का आधिकारिक प्रमाण है कि Ola Electric की 'Futurefactory' और उसके कंपोनेंट्स का लोकलाइजेशन, सरकार के कड़े मानकों पर खरा उतर रहा है।
पिछले रिकॉर्ड और भविष्य की राह
कंपनी ने FY 2023-24 में ₹73.74 करोड़ और FY 2024-25 में ₹366.78 करोड़ का इंसेंटिव हासिल किया था। हालांकि, मैनेजमेंट का कहना है कि यह राशि उत्पादन के आंकड़ों और सरकार की पॉलिसी के अनुपालन पर निर्भर करती है।
निवेशकों के लिए जोखिम (Risks to Watch)
इंसेंटिव की राशि हर साल बदल सकती है। चूँकि ये भुगतान सरकार की प्रोडक्शन टारगेट्स और नियमों पर टिके हैं, इसलिए इसमें उतार-चढ़ाव की संभावना हमेशा बनी रहती है। भविष्य में पॉलिसी में कोई भी बदलाव या वेरिफिकेशन में देरी कंपनी के कैश फ्लो पर असर डाल सकती है।
