Ola Electric ने अपने सेल्स मॉडल में बड़ा बदलाव करते हुए डायरेक्ट-टू-कंज्यूमर मॉडल से हटकर अब पार्टनर-लेड रिटेल नेटवर्क की शुरुआत की है। कंपनी ने सात राज्यों में डीलर-संचालित स्टोर्स खोल दिए हैं और आने वाली तिमाहियों में 500 से ज्यादा डीलरशिप का लक्ष्य रखा है।
रिटेल स्ट्रेटेजी में बड़ा बदलाव
Ola Electric ने अपने कामकाज के तरीके में एक बड़ा स्ट्रक्चरल बदलाव किया है। कंपनी ने अब अपने डीलर-संचालित रिटेल स्टोर्स का पहला बैच शुरू कर दिया है, जो राजस्थान, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, बिहार, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में सक्रिय हो गए हैं। यह कदम कंपनी के पुराने 'कंपनी-ओन्ड' मॉडल से पूरी तरह अलग है, जिसका मकसद स्थानीय बाजारों में पैठ बढ़ाना और कस्टमर सर्विस को तेज करना है।
क्यों है यह फैसला अहम?
EV सेक्टर में कंपनी का यह कदम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पहले कंपनी पूरी तरह से अपने इंफ्रास्ट्रक्चर पर निर्भर थी। अब पार्टनर नेटवर्क के जरिए कंपनी टियर-2 और टियर-3 शहरों में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है, जहां फिजिकल प्रेजेंस बिक्री बढ़ाने के लिए बेहद जरूरी है। वहीं, जो पुराने कंपनी-ओन्ड आउटलेट्स हैं, उन्हें अब 'ब्रांड एक्सपीरियंस सेंटर' के रूप में इस्तेमाल किया जाएगा ताकि ग्राहक प्रोडक्ट को बेहतर तरीके से समझ सकें।
आगे का रोडमैप
मैनेजमेंट ने आक्रामक विस्तार की योजना बनाई है और आने वाली कुछ तिमाहियों में ही 500 से ज्यादा डीलरशिप खोलने का लक्ष्य रखा है। कंपनी अपने एंट्री-लेवल 'S1Z' रेंज को, जिसकी शुरुआती कीमत ₹79,999 है, इन डीलर्स के जरिए आम जनता तक पहुंचाने की कोशिश करेगी। निवेशकों के लिए अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या यह पार्टनर मॉडल कस्टमर एक्विजिशन कॉस्ट को कम करने और सर्विस नेटवर्क को बेहतर बनाने में कामयाब रहता है या नहीं।
