NRB Bearings ने नए फाइनेंशियल ईयर (FY27) की शानदार शुरुआत की है। कंपनी के रेवेन्यू में **19.2%** का जोरदार इजाफा हुआ है और यह **₹370 करोड़** पर पहुंच गया है। वहीं, नेट प्रॉफिट (PAT) **15%** बढ़कर **₹38 करोड़** रहा। कंपनी अब एयरोस्पेस जैसे हाई-मार्जिन सेक्टर पर फोकस कर रही है और अमेरिका में भी विस्तार की योजना बना रही है।
NRB Bearings की शानदार शुरुआत
NRB Bearings ने वित वर्ष 2027 (FY27) की पहली तिमाही (Q1) में दमदार प्रदर्शन किया है। कंपनी ने ₹370 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि के ₹310 करोड़ की तुलना में 19.2% अधिक है। कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में भी 15% की बढ़ोतरी देखी गई, जो पिछले साल के ₹33 करोड़ से बढ़कर ₹38 करोड़ हो गया।
नतीजों का मतलब
यह नतीजे NRB Bearings की टॉप और बॉटम लाइन को बढ़ाने की क्षमता को दर्शाते हैं। कंपनी का यह ग्रोथ हाई-ग्रोथ, हाई-मार्जिन सेगमेंट पर ध्यान केंद्रित करने की रणनीति का नतीजा है। एयरोस्पेस, डिफेंस और रोबोटिक्स, डेटा सेंटर जैसे नए इंडस्ट्रियल वर्टिकल्स में कंपनी का विस्तार, पारंपरिक ऑटोमोटिव पर निर्भरता को कम करने और बेहतर प्रॉफिटेबिलिटी हासिल करने की कोशिशों को दिखाता है।
जानिए पूरी कहानी
NRB Bearings भविष्य की ग्रोथ के लिए खुद को रणनीतिक रूप से तैयार कर रही है। कंपनी नई टेक्नोलॉजी और मार्केट्स में निवेश कर रही है। अपनी मैन्युफैक्चरिंग विशेषज्ञता का इस्तेमाल करके उभरते हुए हाई-वैल्यू सेक्टर्स में पैठ बनाने का लक्ष्य है। हाल ही में अमेरिका में विस्तार और डिफेंस ऑर्डर्स पर फोकस इसी लंबी अवधि की रणनीति का अहम हिस्सा हैं।
आगे क्या बदलेगा?
कंपनी अब हाई-मार्जिन बिजनेस की ओर एक बड़ा कदम उठा रही है। इसमें एयरोस्पेस और डिफेंस सेक्टर में अपनी उपस्थिति दर्ज कराना शामिल है, जिसके लिए ₹50 करोड़ का ऑर्डर बुक है। जनरल मोटर्स (General Motors) के Corvette प्रोग्राम को हासिल करना कंपनी की अमेरिकी सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण डेवलपमेंट है। रोबोटिक्स, AGVs, डेटा सेंटर्स और हेवी-ड्यूटी ऑफ-हाईवे सेगमेंट्स में भी ग्रोथ का लक्ष्य है। Unitec JV फैसिलिटी को औरंगाबाद में ₹110 करोड़ के निवेश के साथ शिफ्ट किया जा रहा है, जिसके अप्रैल 2027 तक चालू होने की उम्मीद है।
जोखिमों पर नजर
मैनेजमेंट ने बिजली, लॉजिस्टिक्स और पेट्रोलियम उत्पादों की लागत में वृद्धि को इनपुट कॉस्ट में बढ़ोतरी के कारणों के तौर पर बताया है।
