Motherson Sumi Wiring India (MSWIL) ने Q2 FY27 के दमदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का मुनाफा **35%** और रेवेन्यू **47%** (YoY) बढ़ा है। हालांकि, मुनाफे की रफ्तार के बीच बढ़ती कॉपर की कीमतों और भविष्य में ग्रोथ के आंकड़ों में नरमी के संकेतों पर निवेशकों को नजर रखनी होगी।
मुनाफे में कैसे आई कंपनी?
कंपनी के लिए दूसरी तिमाही काफी शानदार रही है। MSWIL का रेवेन्यू 47% (YoY) और 19% (QoQ) बढ़ा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) 35% (YoY) और 54% (QoQ) उछला है। ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस की बात करें तो EBITDA मार्जिन 7.6% से बढ़कर 9.2% पर पहुंच गया है, जो कंपनी की बेहतर ऑपरेशनल एफिशिएंसी को दर्शाता है।
इस सफलता के पीछे क्या है?
कंपनी की ग्रोथ के पीछे पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में भारी डिमांड और नई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स का स्टेबल होना है। कंपनी के कुल रेवेन्यू में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) का योगदान 10% रहा है, जो यह साबित करता है कि कंपनी बदलती ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के साथ तालमेल बिठा रही है।
निवेशकों के लिए चेतावनी (Risks to watch)
बाजार के लिए कॉपर की बढ़ती कीमतें चिंता का विषय हैं। कंपनी ने बताया है कि कॉपर की कीमतों में 54% (YoY) का उछाल आया है। चूंकि कॉपर पास-थ्रू (pass-through) आइटम है, इसलिए इसे कस्टमर्स से रिकवर करने में 3-6 महीने का समय लग सकता है। मैनेजमेंट ने यह भी संकेत दिए हैं कि 'बेस इफेक्ट' (base effect) के कारण साल की दूसरी छमाही (H2) में ग्रोथ के प्रतिशत आंकड़े थोड़े कम नजर आ सकते हैं।
अहम आंकड़े
- FY27 के लिए केपेक्स गाइडेंस: लगभग ₹200 करोड़
- EV रेवेन्यू शेयर: 10%
- EBITDA मार्जिन: 9.2%
आगे अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कंपनी OEM के साथ कॉस्ट-रिकवरी को कितनी सफलतापूर्वक मैनेज कर पाती है और H2 की ग्रोथ का ट्रेंड कैसा रहता है।
