Menon Bearings के Q2 नतीजों ने बाजार को प्रभावित किया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल-दर-साल आधार पर **117%** बढ़कर **₹14.74 करोड़** पर पहुंच गया है, जबकि स्टैंडअलोन रेवेन्यू में **62%** की जोरदार बढ़त दर्ज की गई है।
मुनाफे में ट्रिपल-डिजिट ग्रोथ
Menon Bearings Limited ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए शानदार वित्तीय आंकड़े पेश किए हैं। कंपनी का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट दोगुना होकर ₹11.43 करोड़ हो गया है। अगर कंसोलिडेटेड आंकड़ों की बात करें, तो प्रॉफिट पिछले साल के ₹6.79 करोड़ से बढ़कर ₹14.74 करोड़ पर पहुंच गया है।
ऑपरेशन्स में आई मजबूती
कंपनी की रेवेन्यू ग्रोथ काफी दमदार रही है। स्टैंडअलोन आधार पर रेवेन्यू 62.16% उछलकर ₹72.60 करोड़ रहा, वहीं कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹64.90 करोड़ से बढ़कर ₹102.03 करोड़ हो गया। परिचालन दक्षता (Operational Efficiency) का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि स्टैंडअलोन EBITDA 96.74% की छलांग के साथ ₹17.43 करोड़ पर पहुंच गया है।
सब्सिडियरी कंपनियों का बड़ा योगदान
इस ग्रोथ के पीछे Menon Brakes Private Limited, Menon Alkop Limited और Menon Bearings New Ventures Limited जैसी सहायक कंपनियों की अहम भूमिका रही है। इन कंपनियों के योगदान से ही कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में बड़ा उछाल देखने को मिला है।
निवेशकों के लिए आगे का रास्ता
कंपनी ने अपनी निर्माण क्षमता को बढ़ाने पर पूरा जोर दिया है। हालांकि नतीजों में जबरदस्त तेजी है, लेकिन निवेशकों को अब यह देखना होगा कि क्या कंपनी आने वाली तिमाहियों में इसी तरह के मार्जिन को बनाए रख पाती है या नहीं।
