Maruti Suzuki के लिए दूसरी तिमाही कुछ खास नहीं रही है। कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर **₹2,414.9 करोड़** पर आ गया है, जबकि कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹53,340.2 करोड़** दर्ज किया गया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
सितंबर 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए Maruti Suzuki India Ltd ने अपने अन-ऑडिटेड नतीजे जारी किए हैं। स्टैंडअलोन ऑपरेशन्स से रेवेन्यू बढ़कर ₹53,340.2 करोड़ हो गया है, जो पिछली तिमाही में ₹52,455.1 करोड़ था। हालांकि, मुनाफे के मोर्चे पर कंपनी को झटका लगा है और यह Q1 FY27 के ₹3,352.1 करोड़ से घटकर ₹2,414.9 करोड़ रह गया है। कुल खर्च बढ़कर ₹50,604.2 करोड़ पहुंच गए, जिसने कंपनी के बॉटम-लाइन पर दबाव बनाया है।
मर्जर का असर
ये नतीजे Suzuki Motor Gujarat Private Limited के साथ हुए मर्जर के बाद के हैं। आंकड़ों को कंपैरिजन के लिए फिर से तैयार (Restated) किया गया है ताकि स्थिति साफ रहे। निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी है कि ऑपरेशनल स्केल बढ़ने के साथ कंपनी लागत को कैसे मैनेज कर रही है।
EPR का साया
सबसे अहम बात 'Extended Producer Responsibility' (EPR) नियमों को लेकर है। कंपनी ने साफ कहा है कि फिलहाल इन नियमों से होने वाले फाइनेंशियल असर का अंदाजा लगाना मुश्किल है, क्योंकि सरकार की तरफ से अभी तक प्राइसिंग और मेजरमेंट फ्रेमवर्क तय नहीं किया गया है।
आगे क्या है रिस्क?
- Margin Pressure: खर्चों में बढ़ोतरी और रेवेन्यू के मुकाबले कम मुनाफा मार्जिन पर दबाव का संकेत है।
- Future Liability: आने वाले समय में EPR के नियमों से जुड़ी देनदारियां मुनाफे पर असर डाल सकती हैं।
- EPS में कमी: कंपनी का बेसिक EPS घटकर ₹76.81 रह गया है, जो पिछली तिमाही में ₹106.62 था।
