Kinetic Engineering ने FY26 के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी की सेल्स तो बढ़ी है, लेकिन मुनाफे में भारी गिरावट आई है। ऐसे में, प्रमोटर्स ने ₹160 करोड़ का निवेश कर EV ग्रोथ को सहारा दिया है, साथ ही 30 से ज्यादा नए डीलरशिप खोलने की भी योजना है।
Kinetic Engineering के FY26 के नतीजे
Kinetic Engineering ने वित्तीय वर्ष 2026 के नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी की नेट सेल्स ₹157.75 करोड़ रही, जो पिछले साल के ₹142.46 करोड़ से ज्यादा है। वहीं, नेट प्रॉफिट में भारी गिरावट देखने को मिली है, जो FY25 के ₹6.23 करोड़ से घटकर FY26 में सिर्फ ₹0.87 करोड़ रह गया। अर्निंग्स पर शेयर (EPS) भी ₹2.89 से गिरकर ₹0.42 हो गया है।
क्यों गिरी मुनाफे में?
मुनाफे में आई इस बड़ी गिरावट की वजह कंपनी के इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) सेगमेंट में हो रहा भारी निवेश है। नेट प्रॉफिट मार्जिन 4.0% से घटकर 0.6% पर आ गया है। EBITDA भी ₹17.82 करोड़ से गिरकर ₹13.77 करोड़ रहा। हालांकि, कंपनी के प्रमोटर्स ने ₹160 करोड़ के वॉरंट के जरिए निवेश किया है, जो कंपनी के EV ग्रोथ प्लान के लिए बड़ी मदद साबित होगी।
आगे क्या?
Kinetic Engineering अपनी रिटेल मौजूदगी को बढ़ाने की तैयारी में है। कंपनी अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 30 से ज्यादा नए डीलरशिप खोलने की योजना बना रही है, जिससे मौजूदा 20 लोकेशन्स का नेटवर्क और बढ़ेगा। यह विस्तार, प्रमोटर्स से मिले फंड के साथ, 'DX' प्लेटफॉर्म को बढ़ाने और EV सेगमेंट में कंपनी की ग्रोथ को रफ्तार देने में मददगार होगा।
रिस्क फैक्टर?
कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती गिरते मुनाफे और मार्जिन पर दबाव है। EV मार्केट में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और विस्तार की योजनाओं का सफल क्रियान्वयन कंपनी के लिए अहम होगा। निवेशकों की नजरें कंपनी की कॉस्ट मैनेजमेंट और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर रहेंगी।
