JK Tyre Q2 FY27: रेवेन्यू में रिकॉर्ड तोड़ उछाल, लेकिन भारी लागत ने मुनाफे को किया ढेर

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AuthorAditya Rao|Published at:
JK Tyre Q2 FY27: रेवेन्यू में रिकॉर्ड तोड़ उछाल, लेकिन भारी लागत ने मुनाफे को किया ढेर

JK Tyre & Industries ने सितंबर तिमाही में अब तक का सबसे ज्यादा **₹4,840.73 करोड़** का रेवेन्यू हासिल किया है, जो साल-दर-साल **20%** की बढ़ोतरी है। हालांकि, इनपुट कॉस्ट और महंगे फ्रेट चार्जेस के कारण नेट प्रॉफिट **₹226.86 करोड़** से घटकर **₹65.07 करोड़** पर आ गया है।

मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?

कंपनी की सेल्स में वॉल्यूम ग्रोथ जबरदस्त रही है। घरेलू बाजार में 32% और ओरिजिनल इक्विपमेंट (OE) सेगमेंट में 65% की ग्रोथ देखी गई। लेकिन, इस शानदार टॉप-लाइन ग्रोथ के बावजूद कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA ₹535.68 करोड़ से गिरकर ₹343.14 करोड़ रह गया। बढ़ते इनपुट खर्च और ग्लोबल कंटेनर फ्रेट रेट्स ने कंपनी के मार्जिन्स पर भारी दबाव बनाया है, जिससे मुनाफा सीधे तौर पर प्रभावित हुआ है।

चुनौतीपूर्ण माहौल और एक्सटर्नल फैक्टर्स

मैनेजमेंट के अनुसार, पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव के चलते सप्लाई चेन में दिक्कतें आ रही हैं, जिससे कामकाज पर असर पड़ा है। इस तिमाही में कंपनी को ₹12.31 करोड़ का नुकसान विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव और स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (VRS) के खर्चों के कारण हुआ है। अच्छी खबर यह है कि मेक्सिको की सब्सिडियरी JK Tornel ने शानदार वापसी की है और रेवेन्यू में ₹479 करोड़ का योगदान दिया है।

निवेशकों के लिए क्या है रिस्क?

भले ही कंपनी ने पिछली तिमाही (Q1 FY27) के मुकाबले EBITDA में 28% का सुधार किया हो, लेकिन मार्जिन अभी भी ऐतिहासिक स्तरों से काफी नीचे है। फ्रेट कॉस्ट में अस्थिरता और जियो-पॉलिटिकल अनिश्चितताएं आने वाली तिमाहियों में निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता बनी रहेंगी। अब बाजार की नजर इस पर होगी कि कंपनी इन लागतों का बोझ ग्राहकों पर डालने और ऑपरेशंस को ऑप्टिमाइज करने में कितनी सफल होती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.