JK Tyre ने पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **2%** बढ़कर **₹3,956 करोड़** हो गया है। हालांकि, बढ़ती रॉ मटेरियल लागत के चलते कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव देखा गया है।
नतीजों का पूरा लेखा-जोखा
JK Tyre & Industries लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 2027 की पहली तिमाही के लिए अपने कंसोलिडेटेड नतीजे घोषित किए हैं। इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की समान अवधि के ₹3,891 करोड़ से बढ़कर ₹3,956 करोड़ दर्ज किया गया, जो 2% की बढ़ोतरी दर्शाता है।
मार्जिन पर पड़ा असर
हालांकि, रेवेन्यू में यह बढ़त कंपनी के मुनाफे में तब्दीली नहीं ला सकी। कंसोलिडेटेड EBITDA की बात करें तो यह पिछले साल के ₹424 करोड़ से गिरकर इस तिमाही में ₹268 करोड़ पर आ गया। मार्जिन के लिहाज़ से यह 10.9% से घटकर 6.8% रह गया। कंपनी का आफ्टर टैक्स प्रॉफिट (PAT) ₹43 करोड़ रहा।
क्यों हुआ मार्जिन पर असर?
कंपनी ने नतीजों पर कहा है कि भू-राजनीतिक कारणों से रॉ मटेरियल की कीमतों में 20% की बढ़ोतरी हुई है, जिसका सीधा असर कंपनी के मार्जिन पर पड़ा है। इन बढ़ी हुई लागतों को वसूलने के लिए कंपनी ने कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
भविष्य की रणनीति
JK Tyre ने इनपुट लागतों के दबाव से निपटने के लिए अपनी कीमतों में 5% की बढ़ोतरी की है और भविष्य में और भी इजाफे की योजना है। कंपनी को उम्मीद है कि वित्तीय वर्ष 2027 की दूसरी छमाही से मार्जिन में सुधार होना शुरू होगा और यह 11-13% के स्तर पर वापस आ जाएगा। इसके अलावा, कंपनी ₹4,980 करोड़ के कैपेसिटी एक्सपेंशन प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है।
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों की नजरें अब कंपनी की कीमतों में बढ़ोतरी की सफलता, रॉ मटेरियल की कीमतों में स्थिरता और क्षमता विस्तार योजनाओं पर टिकी रहेंगी। मैक्सिको में संचालन की स्थिति और वित्तीय वर्ष 2027 के लिए 10-11% के राजस्व वृद्धि लक्ष्य को हासिल करना भी अहम होगा।
