JBM Auto ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने **₹1,656.37 करोड़** का रेवेन्यू और **₹61.30 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। साथ ही, कंपनी ने अपने OEM डिवीजन को अब 'EV बिजनेस' के रूप में री-ब्रांड कर दिया है।
मुनाफे में लगातार सुधार
सितंबर 2026 की तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन स्थिर रहा है। साल-दर-साल (YoY) आधार पर तुलना करें, तो कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पिछले साल के ₹1,368.24 करोड़ से बढ़कर अब ₹1,656.37 करोड़ हो गया है। इसी तरह, नेट प्रॉफिट भी ₹55.22 करोड़ से बढ़कर ₹61.30 करोड़ पर पहुंच गया है, जो कंपनी की ऑपरेशनल मजबूती को दर्शाता है।
EV सेक्टर की ओर बड़ा कदम
कंपनी ने भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। अब कंपनी के OEM डिवीजन को आधिकारिक तौर पर 'EV बिजनेस' के नाम से जाना जाएगा। यह री-ब्रांडिंग इस बात का संकेत है कि JBM Auto इलेक्ट्रिक व्हीकल स्पेस में अपनी हिस्सेदारी और फोकस को और आक्रामक तरीके से बढ़ाना चाहती है। स्टैच्यूटरी ऑडिटर्स ने भी कंपनी के फाइनेंशियल स्टेटमेंट्स को Ind-AS के मानकों के अनुरूप सही पाया है।
स्टैंडअलोन परफॉर्मेंस की झलक
सिर्फ कंसोलिडेटेड ही नहीं, बल्कि स्टैंडअलोन स्तर पर भी कंपनी की रफ्तार बरकरार है। स्टैंडअलोन तिमाही रेवेन्यू ₹1,755.88 करोड़ दर्ज किया गया, जो पिछले साल के ₹1,203.07 करोड़ के मुकाबले काफी ज्यादा है। स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹48.88 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹45.08 करोड़ था। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने नए 'EV बिजनेस' को कैसे स्केल करती है और भविष्य में क्या नए कैपेसिटी एक्सपेंशन प्लान सामने आते हैं।
