Hyundai Motor Group ने भारत में अपने ऑपरेशंस के लिए **$15.5 बिलियन** (करीब **₹1.3 लाख करोड़**) का बड़ा निवेश प्लान तैयार किया है। यह निवेश **2026** से **2032** के बीच किया जाएगा, जिसका लक्ष्य भारत को दुनिया का प्रमुख ऑटो एक्सपोर्ट हब बनाना है।
मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार और भविष्य की तैयारी
Hyundai का यह निवेश महज कार बनाने तक सीमित नहीं है। कंपनी भारत में अपनी उत्पादन क्षमता और रिसर्च को नई ऊंचाई पर ले जाने की तैयारी में है। अभी कंपनी चेन्नई, पुणे और अनंतपुर (Kia) की अपनी फैसिलिटीज से सालाना 14 लाख यूनिट्स का उत्पादन कर रही है, जिसे इस फंड के जरिए और मजबूत किया जाएगा।\n\n### R&D पर खास जोर
ग्रुप ने भारतीय R&D सेंटर के लिए $700 मिलियन की अलग से राशि आवंटित की है। इसका मकसद अगली पीढ़ी की व्हीकल टेक्नोलॉजी और टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करना है।\n\n### इकोसिस्टम और मोबिलिटी इनिशिएटिव्स
कंपनी का यह मेगा प्लान ऑटोमोबाइल इकोसिस्टम के हर हिस्से को छूता है। इसमें शामिल हैं:
- सप्लाई चेन: स्थानीय पार्टनर्स के साथ मिलकर मजबूत सप्लाई चेन बनाना।
- EV इंफ्रास्ट्रक्चर: इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार।
- स्टार्टअप्स: मोबिलिटी क्षेत्र के नए स्टार्टअप्स के साथ कोलैबोरेशन।
- ऑटोमोटिव रीसाइक्लिंग: सस्टेनेबल मोबिलिटी की ओर बढ़ते कदम।\n\n### निवेशकों के लिए क्या है ट्रैक करने वाली बात?
आने वाले समय में कंपनी के चरणबद्ध तरीके से होने वाले कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) और पुणे फैसिलिटी के विस्तार की टाइमलाइन पर नजर रखना जरूरी है। इसके अलावा, नए R&D व्हीकल टेस्टिंग ट्रैक की प्रगति से यह साफ होगा कि Hyundai इनोवेशन के मामले में कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है।
