Hira Automobiles के लिए FY2025-26 काफी खराब रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट गिरकर **₹0.20 करोड़** रह गया है, साथ ही कंपनी के सामने बैंक लोन के NPA होने और Maruti Suzuki से सप्लाई रुकने जैसे गंभीर संकट खड़े हो गए हैं।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस: बड़ा झटका
कंपनी ने अपनी 37वीं एनुअल रिपोर्ट में जो आंकड़े पेश किए हैं, वे काफी डराने वाले हैं। Hira Automobiles की टोटल इनकम पिछले साल के ₹211.51 करोड़ से घटकर इस बार ₹137.92 करोड़ पर आ गई है। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट भी पिछले साल के ₹0.78 करोड़ से गिरकर महज ₹0.20 करोड़ रह गया है। स्थिति इतनी गंभीर है कि ऑडिटर ने कंपनी के भविष्य पर ही सवाल उठाते हुए 'Going Concern' (कारोबार जारी रखने) को लेकर चेतावनी जारी कर दी है।
बिजनेस पर क्यों आया संकट?
कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती Maruti Suzuki India Limited की तरफ से आई है। Hira Automobiles के लोन खाते NPA (Non-Performing Asset) घोषित होने के बाद, Maruti Suzuki ने गाड़ियों की सप्लाई अस्थायी रूप से रोक दी है। बिना नई इन्वेंट्री के, कंपनी का रेवेन्यू जनरेशन पूरी तरह ठप पड़ गया है।
रेगुलेटरी पचड़े और बोर्ड में हलचल
मुश्किलें केवल बिजनेस तक सीमित नहीं हैं। कंपनी Minimum Public Shareholding (MPS) नियमों का पालन करने में विफल रही है, जहां प्रमोटर होल्डिंग 75% की लिमिट से ज्यादा है। इस वजह से BSE Limited ने कंपनी पर ₹43.66 लाख का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा, अगस्त 2026 में कंपनी के दो इंडिपेंडेंट डायरेक्टर्स के इस्तीफे ने मैनेजमेंट की दिक्कतों को और बढ़ा दिया है।
आगे क्या होगा?
अपनी देनदारियों को चुकाने के लिए बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स अब एसेट्स को बेचकर पैसा जुटाने की तैयारी में है। 30 सितंबर 2026 को होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में इसे लेकर शेयरधारकों की मंजूरी ली जाएगी। फिलहाल, निवेशकों के लिए बैंकों के साथ चल रही डेट रीस्ट्रक्चरिंग की बातचीत पर नजर रखना बेहद जरूरी है।
