Hindustan Composites लिमिटेड ने अपने फ्रिक्शन बिजनेस को Rane (Madras) लिमिटेड को ₹370 करोड़ में बेचने का फैसला किया है। FY2026 में इस बिजनेस का कंपनी के कुल टर्नओवर में **84%** का योगदान था। इस डील से कंपनी अपने ऑपरेशंस को सरल बनाएगी और शेयरधारकों को स्पेशल डिविडेंड देकर वैल्यू अनलॉक करेगी।
Hindustan Composites का बड़ा कदम: फ्रिक्शन बिजनेस ₹370 करोड़ में बिका
Hindustan Composites लिमिटेड ने अपने 'फ्रिक्शन बिजनेस अंडरटेकिंग' को Rane (Madras) लिमिटेड को ₹370 करोड़ नकद में बेचने की घोषणा की है। इस सौदे के 30 सितंबर, 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, जो शेयरधारकों की मंजूरी पर निर्भर करेगा।
क्या है खास?
Hindustan Composites अपने फ्रिक्शन बिजनेस को बेच रही है, जिसका FY2026 में कुल टर्नओवर (₹315.04 करोड़) में 84% का बड़ा हिस्सा था। इस अंडरटेकिंग की नेट वर्थ ₹69.52 करोड़ थी (31 मार्च, 2026 तक)।
यह क्यों महत्वपूर्ण है?
यह बिक्री Hindustan Composites के लिए एक बड़ा रणनीतिक बदलाव है। कंपनी इस बिक्री से फ्रिक्शन बिजनेस की छिपी हुई वैल्यू को बाहर लाना चाहती है, अपने ऑपरेशंस को आसान बनाना चाहती है और आने वाले बड़े कैपिटल एक्सपेंडिचर से बचना चाहती है। मैनेजमेंट का मानना है कि यह डील अर्निंग्स पर शेयर (EPS) को बेहतर बनाएगी। इस सौदे से मिले पैसों का उपयोग रणनीतिक निवेशों और शेयरधारकों को स्पेशल डिविडेंड देने के लिए किया जाएगा।
क्या बदलेगा?
कंपनी अपने मुख्य फ्रिक्शन मटेरियल सेगमेंट से बाहर निकल जाएगी और अपने बाकी बचे बिजनेसेज, जैसे ट्रेजरी/इन्वेस्टमेंट और कमोडिटी ट्रेडिंग पर फोकस करेगी। इस बदलाव का मकसद कंपनी की कमाई को और स्थिर बनाना है।
आगे क्या देखें?
निवेशकों को शेयरधारकों की मंजूरी प्रक्रिया और सितंबर 2026 तक डील के फाइनल होने पर नजर रखनी चाहिए। बेचे गए बिजनेस से मिले पैसों का नए रणनीतिक निवेशों में सफल उपयोग और स्पेशल डिविडेंड की घोषणा व भुगतान की समय-सीमा महत्वपूर्ण होगी।
