Federal-Mogul Goetze (India) Ltd ने FY26 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का मुनाफा **5.7%** बढ़कर **₹168.91 करोड़** हो गया है, लेकिन कैश रिजर्व बनाए रखने के लिए बोर्ड ने इस बार कोई डिविडेंड नहीं देने का फैसला किया है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी की ओर से जारी 71वीं एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, FY 2025-26 में कंपनी का रेवेन्यू 8.98% की बढ़ोतरी के साथ ₹1,989.94 करोड़ रहा। पिछले साल के ₹159.79 करोड़ के मुकाबले कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹168.91 करोड़ पर पहुंच गया है। हालांकि, मुनाफे में इस सुधार के बावजूद कंपनी ने भविष्य की जरूरतों के लिए पूंजी संचय को प्राथमिकता देते हुए निवेशकों को इस साल डिविडेंड नहीं देने का निर्णय लिया है।
कानूनी और रेगुलेटरी मुश्किलें
ऑटो-कंपोनेंट सेक्टर में अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद, कंपनी कई रेगुलेटरी चुनौतियों से जूझ रही है। सबसे बड़ी चिंता Directorate of Enforcement (ED) की जांच है, जो 2018 से 2025 के बीच हुए कंपनी के एक्सपोर्ट-इंपोर्ट ट्रांजेक्शन से जुड़ी है। इसके अलावा, Supreme Court में SEBI से जुड़ा 'ओपन ऑफर' मामला भी अभी लंबित है, जिस पर निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं।
FY27 के लिए मैनेजमेंट का आउटलुक
मैनेजमेंट ने अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए काफी सतर्क रुख अपनाया है। महंगाई के दबाव और कच्चे माल की बढ़ती कीमतों के कारण कंपनी ने सिर्फ सिंगल-डिजिट ग्रोथ का अनुमान लगाया है। अब कंपनी का पूरा जोर एक्सपेंशन के बजाय ऑपरेशनल एफिशिएंसी और कंप्लायंस मैनेजमेंट पर है। निवेशकों के लिए कंपनी से जुड़ी अगली कानूनी अपडेट्स पर नजर रखना बेहद जरूरी होगा।
