Eastern Treads के लिए FY26 का साल टर्निंग पॉइंट रहा है। घाटे से उभरते हुए कंपनी ने **8.56 लाख रुपये** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है, जबकि पिछले साल कंपनी को **303.12 लाख रुपये** का नुकसान हुआ था।
मुनाफे की राह पर कंपनी
कंपनी ने शानदार रिकवरी दिखाते हुए अपने रेवेन्यू में 3.5% की बढ़ोतरी की है, जो अब 6241.11 लाख रुपये हो गया है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि कंपनी का EBITDA बढ़कर 113.3 लाख रुपये पहुंच गया है, जो पिछले साल 48.44 लाख रुपये के नुकसान में था। इस कामयाबी के पीछे अमेरिका और मैक्सिको के मार्केट में विस्तार का बड़ा हाथ है। हालांकि, पुराने घाटे के चलते बोर्ड ने फिलहाल कोई भी डिविडेंड न देने का फैसला किया है।
लीडरशिप में बदलाव और अन्य अपडेट
कंपनी ने अपनी कमान बदलते हुए Navas Meeran को मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर नियुक्त किया है। उनका कार्यकाल 5 साल का होगा जो 14 फरवरी, 2026 से प्रभावी है। साथ ही, Karandeep Singh को इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर बोर्ड में शामिल किया गया है। इसके अलावा, कंपनी ने अपने 9 लाख प्रेफरेंस शेयर्स के रिडेम्पशन की अवधि को फरवरी 2029 तक आगे बढ़ा दिया है।
आगे की राह
निवेशकों को अभी भी रॉ मटेरियल की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी चाहिए, क्योंकि यह प्रॉफिट मार्जिन को प्रभावित कर सकता है। कैश फ्लो पर दबाव होने के संकेत रिडेम्पशन डेट बढ़ने से भी मिलते हैं, इसलिए आगामी तिमाही नतीजों में मार्जिन सुधार देखना काफी महत्वपूर्ण होगा।
