Ceat Ltd के Q2 FY27 नतीजों में मिला-जुला प्रदर्शन देखने को मिला है। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **26%** बढ़कर **₹4,762 करोड़** पहुंच गया है, लेकिन बढ़ते कच्चे माल के खर्च और ऊंचे कर्ज के कारण नेट प्रॉफिट घटकर **₹112 करोड़** रह गया है।
मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?
कंपनी के कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में बड़ी गिरावट देखने को मिली है, जो पिछले साल के ₹186 करोड़ से घटकर इस बार ₹112 करोड़ रह गया है। वहीं, स्टैंडअलोन ऑपरेशंस में भी मुनाफा गिरकर ₹164 करोड़ दर्ज किया गया है, जबकि रेवेन्यू 23% बढ़कर ₹4,548 करोड़ रहा।
मार्जिन पर दबाव की वजह
कंपनी के प्रीमियम टायर सेगमेंट में डिमांड तो मजबूत है, लेकिन एबिटडा मार्जिन (EBITDA Margin) पिछले साल के 13.53% से घटकर इस तिमाही में 9.50% पर आ गया है। मैनेजमेंट ने इसके पीछे वेस्ट एशिया संकट और ग्लोबल जिओपॉलिटिकल अस्थिरता को जिम्मेदार ठहराया है, जिसने रॉ मैटेरियल की कीमतों को आग लगा दी है।
आगे की रणनीति
कंपनी के MD और CEO अर्नब बनर्जी ने साल की दूसरी छमाही में डबल-डिजिट ग्रोथ की उम्मीद जताई है। बढ़ती महंगाई को देखते हुए कंपनी दाम बढ़ाने की तैयारी कर रही है। वहीं, CFO कुमार सुब्बiah ने बताया कि कैपेक्स (Capex) के लिए ₹490 करोड़ के निवेश के कारण कंपनी पर कर्ज का स्तर थोड़ा बढ़ा है।
बोर्ड में बड़ा बदलाव
कंपनी ने सुमित नारंग (Sumeet Narang) को एडिशनल डायरेक्टर (नॉन-एग्जीक्यूटिव, इंडिपेंडेंट) के पद पर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 14 अक्टूबर 2026 से प्रभावी हो गई है, जिसका कार्यकाल 5 साल का होगा।
निवेशकों के लिए रिस्क और सलाह
निवेशकों को अब मार्जिन रिकवरी पर नजर रखनी चाहिए। अगर कमोडिटी की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं और डिमांड में कमी आती है, तो प्राइस हाइक के बावजूद कंपनी के मुनाफे पर असर पड़ सकता है। साथ ही, हाई-इंटरेस्ट रेट के माहौल में बढ़ता कर्ज भी चिंता का विषय है।
