Castrol India का Q3 2026 में रेवेन्यू **27%** बढ़कर **₹1,735 करोड़** पहुंच गया है, लेकिन कच्चा माल महंगा होने और करेंसी में उतार-चढ़ाव के कारण कंपनी का नेट प्रॉफिट **23%** गिरकर **₹176 करोड़** रहा है।
मुनाफे में क्यों आई गिरावट?
कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजों पर गौर करें तो रेवेन्यू में तो दमदार उछाल दिखा, लेकिन प्रॉफिट पर लागत का दबाव साफ नजर आया। कंपनी के मैनेजमेंट के अनुसार, रॉ मटीरियल की कीमतों में 60% से ज्यादा का इजाफा हुआ है। इसके अलावा करेंसी हेडविंड्स ने भी असर डाला है, जिसके चलते EBITDA मार्जिन घटकर 15% पर आ गया है, जो कंपनी की लंबी अवधि की 21-24% गाइडेंस से काफी कम है।
बिजनेस की स्थिति
मुनाफे पर दबाव के बावजूद कंपनी का ऑपरेशनल नेटवर्क लगातार बढ़ रहा है। अब कंपनी के पास 1,67,000 आउटलेट्स का मजबूत डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क है। खास बात यह है कि रूरल मार्केट में भी कंपनी ने अपनी पैठ बनाई है। इंडस्ट्रियल सेगमेंट में डबल डिजिट ग्रोथ देखी जा रही है, जहां स्टील और सीमेंट सेक्टर से नए क्लाइंट्स जुड़े हैं। इसके अलावा, Magna CTX और Hysol XBB जैसे नए प्रॉडक्ट्स भी मार्केट में अपनी जगह बना रहे हैं। मैन्युफैक्चरिंग प्लांट अभी 70-80% की क्षमता पर काम कर रहे हैं।
कॉरपोरेट अपडेट्स और आगे की राह
ग्लोबल लेवल पर BP से Stonepeak में हो रहा ट्रांसफर अभी प्रोसेस में है, जिसमें 50 से अधिक देशों के रेगुलेटरी अप्रूवल की प्रक्रिया जारी है। निवेशकों के लिए अब सबसे महत्वपूर्ण यह होगा कि कंपनी अपनी मार्जिन को वापस 21-24% के दायरे में कैसे लाती है और बढ़ती महंगाई के बीच सेल्स वॉल्यूम को कैसे बरकरार रखती है।
