CIE Automotive India: सेल्स में **11%** का उछाल, ₹2,543 करोड़ पार! मर्जर का भी ऐलान

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AuthorAditya Rao|Published at:
CIE Automotive India: सेल्स में **11%** का उछाल, ₹2,543 करोड़ पार! मर्जर का भी ऐलान

CIE Automotive India ने Q2 CY2026 के लिए अपने नतीजे जारी किए हैं। कंपनी की कंसोलिडेटेड सेल्स **11%** बढ़कर **₹2,543.2 करोड़** हो गई है। वहीं, EBITDA में **17%** की बढ़ोतरी दर्ज की गई। इसके साथ ही कंपनी ने अपनी सब्सिडियरी CIE Aluminium Casting India Limited को होल्डिंग कंपनी में मर्ज करने का भी प्रस्ताव दिया है।

Detailed Coverage

CIE Automotive India का शानदार तिमाही प्रदर्शन

CIE Automotive India Limited ने कैलेंडर ईयर 2026 की दूसरी तिमाही (Q2) और पहली छमाही (H1) के वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने ₹2,543.2 करोड़ की कंसोलिडेटेड सेल्स दर्ज की, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 11% ज्यादा है। वहीं, कंपनी का कंसोलिडेटेड EBITDA (ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमोर्टाइजेशन से पहले की कमाई) 17% बढ़कर ₹418.3 करोड़ हो गया।

कंपनी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव

नतीजों के साथ ही, कंपनी ने नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) के पास अपनी पूरी तरह से मालिकाना हक वाली सब्सिडियरी CIE Aluminium Casting India Limited (CACIL) को होल्डिंग कंपनी में मर्ज करने के लिए स्कीम ऑफ अमालगामेशन फाइल की है। यह कदम कंपनी के कॉर्पोरेट स्ट्रक्चर को आसान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भारतीय ऑपरेशन की मजबूती

कंपनी की मजबूत सेल्स और EBITDA ग्रोथ भारत में उसके ऑपरेशन्स के अच्छे प्रदर्शन को दर्शाती है। Q2 CY2026 में भारत से सेल्स 13% बढ़कर ₹1,654.9 करोड़ रही, जबकि EBITDA 9% बढ़कर ₹276.9 करोड़ रहा। यूरोपियन ऑपरेशन्स में भी 7% की सेल्स ग्रोथ और 36% की EBITDA ग्रोथ देखी गई, जो ₹141.4 करोड़ रही।

आगे की राह और जोखिम

हालांकि, कंपनी को कच्चे माल की बढ़ती कीमतों और भू-राजनीतिक जोखिमों से कुछ चुनौतियां मिल रही हैं। खासकर पश्चिमी एशिया में चल रहे संघर्षों का असर ऊर्जा, कच्चे माल और अन्य जरूरी चीजों की कीमतों पर पड़ रहा है, जिसका सीधा असर कंपनी के मार्जिन पर पड़ सकता है। मैनेजमेंट का कहना है कि ग्लोबल टेंशन के कारण नियर-टर्म आउटलुक अनिश्चित बना हुआ है।

निवेशकों को क्या देखना होगा

आगे चलकर, निवेशकों को NCLT से सब्सिडियरी मर्जर की मंजूरी की प्रक्रिया पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, कंपनी की लागत वृद्धि को नियंत्रित करने और भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं से निपटने की क्षमता पर भी प्रदर्शन निर्भर करेगा।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.