टायर निर्माता कंपनी CEAT ने Q2 FY27 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू **26%** बढ़कर **₹4,762 करोड़** पर पहुंच गया है, लेकिन कच्चे माल की ऊंची कीमतों के कारण नेट प्रॉफिट **40%** गिरकर **₹112 करोड़** रह गया है।
मुनाफे पर दबाव की असली वजह
CEAT के लिए यह तिमाही मिली-जुली रही है। जहां कंपनी ने प्रीमियम सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत की है, वहीं दूसरी ओर वेस्ट एशिया में जारी तनाव के कारण कमोडिटी और कच्चे माल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर कंपनी के मार्जिन और बॉटम लाइन पर दिखा है। एक साल पहले की इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा ₹186 करोड़ था, जो अब घटकर ₹112 करोड़ रह गया है। इसके अलावा स्टैंडअलोन आधार पर मुनाफे में 19% की गिरावट दर्ज की गई है, जो ₹164 करोड़ रही है।
कैपेक्स और कर्ज का गणित
कंपनी ने भविष्य की डिमांड को देखते हुए अपनी कैपेसिटी बढ़ाने पर जोर दिया है। इस तिमाही के दौरान कंपनी ने विस्तार के लिए लगभग ₹490 करोड़ का निवेश किया है। हालांकि, इस भारी निवेश और डिविडेंड भुगतान के चलते कंपनी पर कर्ज का स्तर बढ़ गया है, जिस पर अब निवेशकों की नजरें टिकी हुई हैं।
आगे का रास्ता
मैनेजमेंट ने संकेत दिए हैं कि कच्चे माल की कीमतों का दबाव Q3 में भी जारी रह सकता है। अब कंपनी के लिए चुनौती यह है कि वह अपने प्रोडक्ट मिक्स को कैसे बेहतर करती है और कब तक प्रभावी ढंग से दाम बढ़ा पाती है ताकि मार्जिन को सुरक्षित रखा जा सके। वहीं, बोर्ड ने सुमित नारंग को 14 अक्टूबर, 2026 से पांच साल के कार्यकाल के लिए स्वतंत्र निदेशक (Independent Director) नियुक्त करने की मंजूरी दी है।
