Bosch Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **10.8%** बढ़कर **₹20,035 करोड़** हो गया है। साथ ही, बोर्ड ने प्रति शेयर **₹270** का फाइनल डिविडेंड देने का ऐलान किया है।
Bosch Ltd के दमदार नतीजे: ₹20,035 करोड़ रेवेन्यू, ₹270 डिविडेंड
Bosch Limited ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए अपने नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी ने कुल रेवेन्यू में 10.8% की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की है, जो ₹20,035 करोड़ तक पहुंच गया है। शेयरधारकों को खुश करते हुए, कंपनी ने प्रति इक्विटी शेयर ₹270 का फाइनल डिविडेंड देने की भी घोषणा की है।
क्यों खास हैं ये नतीजे?
यह नतीजे कंपनी के मजबूत प्रदर्शन को दर्शाते हैं। Bosch Limited ने 11.3% का EBIT मार्जिन हासिल किया है, जिसमें ₹3,086 करोड़ का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) और ₹2,770 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) शामिल है। कंपनी ने अपने बिल्डिंग टेक्नोलॉजी डिविजन के 'वीडियो सॉल्यूशंस, एक्सेस एंड इन्ट्रूज़न और कम्युनिकेशन सिस्टम्स' बिजनेस को बेचकर ₹556 करोड़ का एक्सेप्शनल गेन भी दर्ज किया है।
आगे क्या उम्मीद करें?
कंपनी के लिए यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उसके मुख्य मोबिलिटी बिजनेस से 89% सेल्स आती है। इस सेक्टर में बढ़ती मांग साफ दिख रही है। इसके अलावा, Bosch Chassis Systems India Private Limited के अधिग्रहण (Acquisition) ने कंपनी की स्थिति को और मजबूत किया है, खासकर व्हीकल मोशन और ब्रेकिंग सॉल्यूशंस के क्षेत्र में। इस अधिग्रहण पर ₹9,068.68 करोड़ खर्च किए गए हैं।
नई रणनीतियां और जोखिम
Bosch Limited सिर्फ अधिग्रहण पर ही नहीं रुक रही, बल्कि भविष्य की मोबिलिटी ट्रेंड्स को देखते हुए नई ज्वाइंट वेंचर्स भी बना रही है। इनमें Tata AutoComp के साथ ई-मोबिलिटी कंपोनेंट्स के लिए और Wheels India व Brakes India के साथ कमर्शियल व्हीकल्स के लिए एयर सिस्टम्स पर ज्वाइंट वेंचर्स शामिल हैं।
हालांकि, कंपनी को कुछ चुनौतियों का सामना भी करना पड़ सकता है। मैनेजमेंट का अनुमान है कि भारतीय ऑटोमोटिव मार्केट में अगले वित्त वर्ष में हाई सिंगल-डिजिट ग्रोथ देखने को मिल सकती है। लेकिन, जियो-पॉलिटिकल टेंशन, महंगाई और कमोडिटी की कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसे जोखिम मुनाफा और लागत को प्रभावित कर सकते हैं।
