Bharat Forge के लिए Q2 FY26 का नतीजा मिला-जुला रहा है। कंपनी का स्टैंडअलोन मुनाफा बढ़कर **₹3,708.25 मिलियन** पहुंच गया है, लेकिन जर्मनी की सब्सिडियरी में चल रही रीस्ट्रक्चरिंग कॉस्ट के चलते कंसोलिडेटेड प्रॉफिट में गिरावट आई है।
मुनाफे में क्यों आई गिरावट?
कंपनी ने सितंबर तिमाही के अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। जहां एक ओर भारत में कंपनी का मुख्य कारोबार (Standalone) 20% सालाना की दर से चमक रहा है, वहीं कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट में ₹2,786.81 मिलियन की सुस्ती दिखी है, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹2,992.78 मिलियन था। इसका मुख्य कारण जर्मनी की सब्सिडियरी 'Bharat Forge CDP GmbH' में चल रही रीस्ट्रक्चरिंग से जुड़ा खर्च है।
डिफेंस में बड़ा दांव
भारत में अपनी पकड़ और मजबूत करने के लिए कंपनी ने अपनी डिफेंस सब्सिडियरी, Kalyani Strategic Systems Limited (KSSL) में ₹2,905.08 मिलियन का बड़ा निवेश करने का ऐलान किया है। इस पैसे का उपयोग कैपिटल एक्सपेंडिचर और नई टेक्नोलॉजी के विकास में किया जाएगा।
आगे की राह और रिस्क
निवेशकों की नजरें अब जर्मनी में चल रहे सुधार (Restructuring) पर हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि KSSL में यह फंडिंग 31 मार्च 2027 तक पूरी कर ली जाएगी। यह कदम साफ करता है कि कंपनी अब अपने डिफेंस पोर्टफोलियो और घरेलू ग्रोथ पर ज्यादा फोकस कर रही है। हालांकि, अगर यूरोप में ऑपरेशनल चुनौतियां बढ़ती हैं, तो कंसोलिडेटेड मार्जिन पर दबाव आगे भी जारी रह सकता है।
