Azad India Mobility Ltd ने लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए 1:5 के स्टॉक स्प्लिट का ऐलान किया है, जिससे शेयर की फेस वैल्यू **₹10** से घटकर **₹2** हो जाएगी। साथ ही कंपनी अपने डायरेक्टर्स के रिमुनरेशन (Remuneration) से जुड़े नियमों में राहत के लिए शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मांगेगी।
स्टॉक स्प्लिट का गणित
कंपनी का यह फैसला शेयर की कीमत को कम करने के लिए लिया गया है, ताकि रिटेल निवेशकों के लिए इसमें निवेश करना आसान हो सके। 1:5 के स्प्लिट के बाद, हर 1 शेयर 5 टुकड़ों में बदल जाएगा। हालांकि, कंपनी अब बोर्ड में कुछ कड़े फैसलों को लेकर शेयरहोल्डर्स की राय ले रही है।
गवर्नेंस और सैलरी का पेंच
कंपनी अपने मैनेजिंग डायरेक्टर और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर को दिए गए अतिरिक्त रिमुनरेशन को माफ करने के लिए अप्रूवल मांग रही है। आंकड़ों के मुताबिक, एमडी से ₹60.05 लाख और एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर से ₹26.30 लाख की रिकवरी होनी थी, जिसे कंपनी अब माफ कराना चाहती है। यह कदम 'कंपनीज एक्ट' की धारा 197 के तहत मुनाफे की सीमा को लेकर आई चुनौतियों की ओर इशारा करता है।
फाइनेंशियल हेल्थ
वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा है। कंपनी का नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹2.39 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल सिर्फ ₹0.07 करोड़ था। वहीं, रेवेन्यू में भी भारी उछाल देखने को मिला है, जो पिछले साल के ₹10.05 करोड़ से बढ़कर ₹66.17 करोड़ तक पहुंच गया है।
आगे की राह
इन प्रस्तावों पर 28 सितंबर, 2026 को शेयरहोल्डर्स की वोटिंग होनी है। साथ ही, कंपनी ने Azad Coach Private Limited के साथ ₹200 करोड़ के रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शंस के लिए भी मंजूरी मांगी है, ताकि इलेक्ट्रिक बस और कोच मैन्युफैक्चरिंग चेन को स्मूथ बनाया जा सके।
