Atul Auto ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का रेवेन्यू **34.7%** बढ़कर **₹270.20 करोड़** पर पहुंच गया है, लेकिन नेट प्रॉफिट पिछले साल के **₹8.27 करोड़** से घटकर **₹6.84 करोड़** रह गया है।
मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?
कंपनी के मुख्य ऑटोमोबाइल बिजनेस ने तो शानदार प्रदर्शन किया है, जहां रेवेन्यू ₹257.91 करोड़ रहा। हालांकि, नेट प्रॉफिट में दबाव साफ दिख रहा है। कंपनी ने अपनी EV L5 डिवीजन का विलय Atul Greentech Private Limited से किया है, जिसका असर नतीजों में रिस्ट्रक्चरिंग के रूप में देखा जा सकता है।
सेगमेंट का प्रदर्शन
- ऑटोमोबाइल बिजनेस: यह कंपनी का मुख्य ग्रोथ इंजन बना हुआ है, जिसने ₹257.91 करोड़ का रेवेन्यू और ₹9.23 करोड़ का प्रॉफिट बिफोर टैक्स कमाया है।
- NBFC बिजनेस: यह सेगमेंट कंपनी के लिए चुनौती बना हुआ है। इसमें ₹12.32 करोड़ का रेवेन्यू आया, लेकिन ₹0.24 करोड़ का प्री-टैक्स लॉस झेलना पड़ा है।
निवेशकों के लिए आगे की राह
स्टैचुटरी ऑडिटर्स M/s. Maharishi & Co. ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि कंपनी ने EV L5 डिवीजन को शामिल करने के लिए पुराने आंकड़ों को 'पूलिंग-ऑफ-इंटरेस्ट' मेथड के जरिए रीस्टेट किया है। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी अपने EV बिजनेस को कितनी तेजी से स्केल करती है और NBFC सेगमेंट को कैसे मुनाफे में वापस लाती है। आने वाली तिमाहियों में मार्जिन रिकवरी ही असली गेम-चेंजर साबित होगी।
