Ather Energy ने अपनी लेटेस्ट मॉनिटरिंग रिपोर्ट जारी की है। कंपनी ने साफ किया है कि IPO, QIP और Preferential Issue से जुटाया गया पैसा सही जगह खर्च हो रहा है। हालांकि, 'Factory 3.0' की शुरुआत अब दिसंबर 2026 में होगी।
फंड का इस्तेमाल है बिल्कुल ट्रैक पर
Ather Energy ने CARE Ratings Limited के जरिए अपनी मॉनिटरिंग एजेंसी रिपोर्ट सौंपी है। रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी ने IPO, QIP और Preferential Issue से जो भी पूंजी जुटाई है, उसका इस्तेमाल तय उद्देश्यों के लिए ही किया जा रहा है। कंपनी ने किसी भी बड़े विचलन (Deviation) से इनकार किया है।
प्रमुख आंकड़े (Context Metrics)
कंपनी के पास जुटाई गई पूंजी का स्टेटस कुछ इस तरह है:
- IPO Proceeds: ₹2,626 करोड़, जिसमें से 47% का इस्तेमाल हो चुका है।
- QIP Proceeds: ₹1,300 करोड़, जिसमें से ₹67.25 करोड़ इस्तेमाल हुए हैं।
- Preferential Issue: ₹1,200 करोड़, जिसमें से ₹0.27 करोड़ खर्च किए गए हैं।
'Factory 3.0' में देरी की वजह
कंपनी ने अपनी नई फैक्ट्री के काम में थोड़ी देरी की जानकारी दी है। पहले प्रोडक्शन अक्टूबर 2026 में शुरू होने की उम्मीद थी, जिसे अब दिसंबर 2026 तक बढ़ा दिया गया है। इसके पीछे लेबर की कमी और मिडिल-ईस्ट संकट के कारण सप्लाई चेन में आई बाधाएं मुख्य वजह हैं।
अच्छी बात यह है कि कंपनी का बोर्ड अपने लक्ष्य को लेकर आश्वस्त है और फेज-1 के पूरे प्रोजेक्ट को मार्च 2027 तक पूरा करने का दावा किया है। साथ ही, फैक्ट्री के कुल खर्च का 87% हिस्सा पहले ही परचेज ऑर्डर्स के तहत दिया जा चुका है, जो मजबूती का संकेत है।
