NCLT ने Hinduja Leyland Finance Limited (HLFL) के NDL Ventures Limited में विलय को मंजूरी दे दी है। इस कदम के बाद HLFL का अस्तित्व खत्म हो जाएगा और NDL Ventures, Ashok Leyland की एक प्रमुख लिस्टेड सब्सिडियरी के रूप में उभरेगी।
विलय का गणित और शेयर स्वैप रेश्यो
इस विलय के तहत, शेयरधारकों के लिए स्वैप रेश्यो तय कर दिया गया है। जिन निवेशकों के पास HLFL के 10 शेयर हैं, उन्हें बदले में NDL Ventures के 25 शेयर मिलेंगे। इस पुनर्गठन (Restructuring) के बाद, NDL Ventures का नाम और कारोबार का दायरा पूरी तरह बदल जाएगा।
क्या बदलेगा निवेशकों के लिए?
NCLT की मुंबई बेंच ने 3 नवंबर 2026 को इस स्कीम को अपनी मंजूरी दी है। इस मर्जर से Ashok Leyland का फाइनेंशियल बिजनेस अब एक लिस्टेड प्लेटफॉर्म के जरिए काम करेगा, जिससे कंपनी की ऑपरेशनल एफिशिएंसी बढ़ेगी और भविष्य में फंड जुटाना आसान हो जाएगा। मर्जर के बाद, नई कंपनी में Ashok Leyland की हिस्सेदारी 59.64% होगी, जो पहले HLFL में 61.12% थी।
आगे की राह (Next Steps)
हालांकि NCLT ने इसे मंजूरी दे दी है, लेकिन निवेशकों को अब 'रिकॉर्ड डेट' के आधिकारिक ऐलान का इंतजार करना चाहिए। साथ ही, Registrar of Companies के पास दस्तावेज जमा होने के बाद इसकी प्रभावी तारीख (Effective Date) तय होगी। निवेशकों को यह भी ध्यान रखना होगा कि आयकर विभाग (Income Tax Department) के पास इस ट्रांजैक्शन की समीक्षा करने का अधिकार सुरक्षित है।
