Amara Raja Energy & Mobility के Q2 नतीजों में मिली-जुली तस्वीर दिखी है। कंपनी का नेट प्रॉफिट **44.8%** घटकर **₹152.48 करोड़** रह गया है, जबकि रेवेन्यू में **18.5%** का उछाल दर्ज किया गया है। साथ ही, कंपनी ने **₹2,320 करोड़** के बड़े केपेक्स (Capex) और प्रति शेयर **₹4.30** के डिविडेंड का ऐलान किया है।
मुनाफे पर दबाव, रेवेन्यू में दम
कंपनी के फाइनेंशियल रिजल्ट्स के मुताबिक, 30 सितंबर, 2026 को समाप्त हुई तिमाही में कंपनी की टॉप-लाइन यानी रेवेन्यू 18.5% बढ़कर ₹4,108.71 करोड़ पहुंच गई है। हालांकि, मुनाफे के मोर्चे पर कंपनी को 44.8% की गिरावट झेलनी पड़ी है, जो कि ₹152.48 करोड़ रहा। यह दबाव कंपनी के नए एनर्जी बिजनेस की ओर शिफ्ट होने और ऑपरेशनल कॉस्ट बढ़ने की वजह से आया है।
₹2,320 करोड़ का बड़ा निवेश (Capex Plan)
कंपनी भविष्य की जरूरतों को देखते हुए अपने सबसिडियरी Amara Raja Advanced Cell Technologies (ARACT) के जरिए बड़ा निवेश करने जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य बैटरी पैक मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को 4 GWh से बढ़ाकर 9 GWh करना है। इसके साथ ही, तेलंगाना में कंपनी अपना LFP सेल प्लांट भी तैयार करेगी, जो ईवी (EV) सेक्टर में लंबी अवधि की ग्रोथ के लिए एक बड़ी पहल है।
डिविडेंड का तोहफा
मुनाफे में गिरावट के बावजूद कंपनी ने अपने शेयरधारकों को खुश करने का मौका नहीं छोड़ा है। बोर्ड ने प्रति शेयर ₹4.30 का अंतरिम डिविडेंड देने का फैसला किया है। इसकी रिकॉर्ड डेट 6 नवंबर, 2026 तय की गई है और निवेशकों के खाते में पैसा 1 दिसंबर, 2026 तक आ जाएगा।
रिस्क और भविष्य की रणनीति
निवेशकों को ध्यान रखना चाहिए कि यह प्रोजेक्ट अगले 30 महीनों में पूरा होगा। कंपनी इस भारी निवेश के लिए डेट (Debt) और इक्विटी का सहारा लेगी, जिससे भविष्य में ब्याज लागत बढ़ सकती है। मार्केट की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी अपने पारंपरिक बैटरी बिजनेस और नए ईवी ट्रांजिशन के बीच मार्जिन को कैसे मैनेज करती है।
