Vellora Impact Limited (पहले Pratiksha Chemicals) ने Q1 FY26 में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू एग्रीकल्चर सेगमेंट की बदौलत बढ़कर ₹141.92 करोड़ हो गया है। साथ ही, कंपनी ₹7.90 करोड़ के PBT के साथ मुनाफे में भी आ गई है। हालांकि, ऑडिटर ने ग्रेच्युटी अकाउंटिंग पर क्वालिफाइड ओपिनियन दिया है।
Detailed Coverage
एग्री बिजनेस में बड़ी कामयाबी
Vellora Impact Limited, जो पहले Pratiksha Chemicals Limited के नाम से जानी जाती थी, ने 30 जून 2026 को समाप्त हुई तिमाही के लिए अपने वित्तीय नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी ने बताया कि उसका रेवेन्यू बढ़कर ₹141.92 करोड़ हो गया है, जो पिछले साल की इसी अवधि में सिर्फ ₹1.17 करोड़ था।
मुनाफे की ओर वापसी
इस तिमाही में कंपनी ने ₹7.90 करोड़ का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹2.19 करोड़ का घाटा हुआ था। बेसिक ईपीएस (Basic EPS) ₹14.19 रहा।
क्यों हुआ ये कमाल?
इस जबरदस्त फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का मुख्य कारण कंपनी के बिजनेस मॉडल में आया बड़ा बदलाव है। Vellora Impact ने अपने ऑपरेशंस को पूरी तरह से एग्रीकल्चर सेक्टर पर फोकस कर दिया है। यही सेगमेंट अब कंपनी के ₹141.92 करोड़ के कुल रेवेन्यू का एकमात्र सोर्स है और ₹7.98 करोड़ का ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) भी इसी से आ रहा है। यह दिखाता है कि कंपनी अपनी नई स्ट्रेटेजी पर सफलतापूर्वक काम कर रही है और केमिकल बिजनेस से बाहर निकल चुकी है।
नाम बदलने के पीछे की कहानी
कंपनी का नाम बदलकर Vellora Impact Limited करना इसी स्ट्रैटेजिक बदलाव का प्रतीक है। एग्रीकल्चर सेक्टर में कदम रखना कंपनी के लिए एक नया चैप्टर है, जिसका मकसद इस क्षेत्र में ग्रोथ के अवसरों का फायदा उठाना है।
आगे क्या?
अब निवेशक Vellora Impact को एग्रीकल्चर पर फोकस करने वाली कंपनी के तौर पर देखेंगे। कंपनी का भविष्य प्रदर्शन एग्री मार्केट की चाल और इस सेक्टर में अपनी कमाई बनाए रखने की क्षमता पर निर्भर करेगा।
ऑडिटर की चिंता
हालांकि, एक बात पर गौर करना जरूरी है। कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर, Chandabhoy & Jassoobhoy, ने अपनी लिमिटेड रिव्यू रिपोर्ट में एक क्वालिफाइड ओपिनियन दिया है। ऑडिटर ने बताया है कि कंपनी ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट को कैश बेसिस पर अकाउंट कर रही है, जो Ind AS-1 और Ind AS-19 जैसे स्टैंडर्ड्स से अलग है। कंपनी को इस नॉन-कंप्लायंस को ठीक करना होगा।
अगले कदम
निवेशकों को एम्प्लॉई बेनिफिट्स के अकाउंटिंग प्रैक्टिस को लेकर ऑडिटर की क्वालिफाइड ओपिनियन पर कंपनी की प्रतिक्रिया पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, एग्रीकल्चर सेगमेंट की स्थिरता और ग्रोथ पर भी ध्यान देना महत्वपूर्ण होगा।
