Vellora Impact Limited, जो पहले Pratiksha Chemicals के नाम से जानी जाती थी, ने पहली तिमाही में शानदार वापसी की है। कंपनी का रेवेन्यू बढ़कर **₹141.92 करोड़** हो गया, जो पिछले साल इसी अवधि में सिर्फ **₹1.17 करोड़** था। वहीं, **₹2.11 करोड़** के घाटे से निकलकर कंपनी ने **₹7.90 करोड़** का नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। अब कंपनी का पूरा रेवेन्यू एग्रीकल्चर यानी खेती-किसानी से आ रहा है, जबकि केमिकल का कारोबार बंद हो गया है।
Detailed Coverage
कैसे हुआ इतना बड़ा बदलाव?
Vellora Impact ने अपने बिजनेस मॉडल में बड़ा फेरबदल किया है। कंपनी अब पूरी तरह से एग्रीकल्चर यानी कृषि सेगमेंट पर फोकस कर रही है। इसी सेगमेंट से कंपनी ने ₹141.92 करोड़ का पूरा रेवेन्यू जेनरेट किया है। वहीं, कंपनी के पुराने केमिकल बिजनेस से अब कोई रेवेन्यू नहीं आ रहा है, जो यह दर्शाता है कि कंपनी ने अपने ऑपरेशनल स्ट्रैटेजी में एक बड़ा बदलाव किया है। मुनाफे में वापसी और रेवेन्यू में यह भारी उछाल कंपनी के लिए एक नई ग्रोथ स्टोरी की शुरुआत का संकेत दे रहा है।
जानिए पूरी कहानी
पहले Pratiksha Chemicals Ltd के नाम से पहचानी जाने वाली इस कंपनी ने हाल ही में अपना नाम बदलकर Vellora Impact Limited किया है। यह नाम बदलाव भी कंपनी के खेती (Agriculture) की ओर रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है। केमिकल बिजनेस को छोड़कर कृषि पर ध्यान केंद्रित करना कंपनी की बाजार में पकड़ और ऑपरेशनल फोकस में एक बड़ा परिवर्तन दिखाता है।
आगे क्या?
अब जब कंपनी का पूरा बिजनेस कृषि पर केंद्रित है, तो निवेशक इसी सेगमेंट में लगातार ग्रोथ और मुनाफे की उम्मीद करेंगे। कंपनी की भविष्य की परफॉरमेंस काफी हद तक उसके कृषि संचालन के मैनेजमेंट और विस्तार पर निर्भर करेगी। इस तिमाही के लिए बेसिक Earnings Per Share (EPS) ₹14.19 दर्ज किया गया है।
किन जोखिमों पर रखें नज़र?
एक अहम बात जिस पर निवेशकों को ध्यान देना चाहिए, वह है कंपनी के स्टेट्यूटरी ऑडिटर, Chandabhoy & Jassoobhoy द्वारा दी गई 'क्वालिफाइड ओपिनियन' (Qualified Opinion)। ऑडिटर ने Ind AS 19 ('Employee Benefits') और Ind AS 1 के तहत ग्रेच्युटी और लीव एनकैशमेंट के कैश बेसिस पर अकाउंटिंग में नियमों का पालन न करने की ओर इशारा किया है। इस गैर-अनुपालन का सटीक दायरा अभी पता नहीं चल पाया है, जो एक गवर्नेंस रिस्क पैदा कर सकता है।
कंपनी के आंकड़े (Q1 FY27 vs Q1 FY26)
30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस ₹141.92 करोड़ रहा, जो 30 जून, 2025 को समाप्त तिमाही के ₹1.17 करोड़ की तुलना में एक बड़ी छलांग है। वहीं, 30 जून, 2026 को समाप्त तिमाही के लिए नेट प्रॉफिट ₹7.90 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल की समान तिमाही में ₹2.11 करोड़ का नेट लॉस था।
आगे क्या देखना है?
निवेशकों को कंपनी के कृषि सेगमेंट में लगातार प्रदर्शन और ऑडिटर की 'क्वालिफाइड ओपिनियन' के संबंध में कर्मचारी लाभों की अकाउंटिंग को लेकर अगले फाइलिंग्स में कंपनी के जवाबों पर बारीकी से नजर रखनी चाहिए।
