SSMD Agrotech India Ltd FY26 रिजल्ट्स
SSMD Agrotech India Ltd ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए अपने ऑडिटेड वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी ने ₹115.35 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के ₹99.18 करोड़ की तुलना में 16.3% अधिक है। वहीं, नेट प्रॉफिट मामूली बढ़कर ₹5.53 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹5.38 करोड़ था।
निवेशकों के लिए खास
कंपनी के रेवेन्यू में लगातार वृद्धि दिख रही है, लेकिन IPO के बाद शेयर कैपिटल बढ़ने के कारण बेसिक EPS (प्रति शेयर आय) में बड़ी गिरावट आई है। FY25 में यह ₹101.13 थी, जो FY26 में घटकर सिर्फ ₹6.38 रह गई है।
क्या है यह गिरावट?
यह EPS में गिरावट सीधा असर है कंपनी के IPO के बाद बढ़े हुए शेयर कैपिटल का। यह नई लिस्ट हुई कंपनियों में आम बात है। कंपनी ने अपने IPO से मिले फंड का एक हिस्सा इस्तेमाल कर लिया है और बाकी रकम लिक्विड एसेट्स में रखी है।
IPO की कहानी
SSMD Agrotech India Limited की लिस्टिंग 2 दिसंबर, 2025 को BSE SME प्लेटफॉर्म पर हुई थी। कंपनी ने अपने IPO के जरिए ₹34.09 करोड़ जुटाए थे। 31 मार्च, 2026 तक इसमें से ₹21.78 करोड़ का इस्तेमाल हो चुका है, जबकि ₹12.31 करोड़ अभी भी बाकी हैं।
अब आगे क्या?
निवेशकों की नज़र अब कंपनी के बढ़े हुए वर्किंग कैपिटल को मैनेज करने पर होगी। ट्रेड रिसीवेबल्स (Trade Receivables) ₹3.07 करोड़ से बढ़कर ₹18.09 करोड़ हो गए हैं, और इन्वेंटरी (Inventory) भी ₹11.77 करोड़ से बढ़कर ₹15.30 करोड़ हो गई है।
जोखिम जिस पर रखनी है नज़र
सबसे बड़ा ऑपरेशनल जोखिम यह है कि कंपनी के ट्रेड रिसीवेबल्स काफी बढ़ गए हैं, जिन्हें समय पर वसूलना जरूरी होगा। इसके अलावा, कंपनी अभी भी IPO फंड के इस्तेमाल के लिए अपनी मॉनिटरिंग एजेंसी रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
नतीजों के मुख्य आंकड़े:
- रेवेन्यू (FY26): ₹115.35 करोड़ (FY25 में ₹99.18 करोड़)
- नेट प्रॉफिट (FY26): ₹5.53 करोड़ (FY25 में ₹5.38 करोड़)
- बेसिक EPS (FY26): ₹6.38 (FY25 में ₹101.13)
- शेयर कैपिटल (FY26): ₹8.67 करोड़ (FY25 में ₹0.93 करोड़)
- IPO फंड का इस्तेमाल (31 मार्च 2026 तक): ₹21.78 करोड़ (₹34.09 करोड़ में से)
- ट्रेड रिसीवेबल्स (31 मार्च 2026): ₹18.09 करोड़ (FY25 में ₹3.07 करोड़)
- इन्वेंटरी (31 मार्च 2026): ₹15.30 करोड़ (FY25 में ₹11.77 करोड़)
आगे क्या देखना होगा?
निवेशकों को बढ़े हुए ट्रेड रिसीवेबल्स की कलेक्शन एफिशिएंसी और बाकी बचे IPO फंड के इस्तेमाल पर नजर रखनी चाहिए। साथ ही, मॉनिटरिंग एजेंसी रिपोर्ट का आना भी एक अहम घटनाक्रम होगा।
