Purple Agrotech Industries ने एग्री-कमोडिटी ट्रेडिंग से **₹19.99 करोड़** का अपना पहला रेवेन्यू रिपोर्ट किया है। हालांकि, कंपनी पर SEBI ने **₹50 लाख** का जुर्माना और **4 साल** का प्रतिबंध लगा रखा है, जिसके खिलाफ कंपनी SAT में लड़ रही है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
Purple Agrotech (पुरानी Purple Entertainment) ने अब अपना बिजनेस मॉडल बदलकर होलसेल एग्रीकल्चर कमोडिटी ट्रेडिंग में कदम रखा है। फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए कंपनी ने ₹1999.59 लाख का रेवेन्यू दर्ज किया है। हालांकि, टॉप-लाइन ग्रोथ के बावजूद कंपनी का नेट प्रॉफिट पिछले साल के ₹30.80 लाख से घटकर ₹16.45 लाख पर आ गया है।
SEBI का शिकंजा और कानूनी संकट
कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती जून 2026 का SEBI का वह आदेश है, जिसमें मार्केट रेगुलेटर ने ₹50 लाख का जुर्माना लगाया और कंपनी पर 4 साल का मार्केट रिस्ट्रेंट लगा दिया है। फिलहाल यह मामला Securities Appellate Tribunal (SAT) में चल रहा है।
ऑडिटर्स ने उठाए गंभीर सवाल
FY26 के नतीजों के साथ ही कंपनी के गवर्नेंस पर भी सवाल उठ रहे हैं। ऑडिटर्स ने अपनी रिपोर्ट में कई 'रेड फ्लैग्स' दिखाए हैं:
- अक्टूबर 2025 तक अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में 'ऑडिट ट्रेल' का अभाव था।
- Companies Act के नियमों के मुताबिक इंटरनल ऑडिट सिस्टम मौजूद नहीं था।
- CFO और Compliance Officer की नियुक्ति में देरी के कारण SEBI LODR नियमों का उल्लंघन हुआ।
मैनेजमेंट में बदलाव
कंपनी ने हाल ही में बोर्डरूम में बड़े फेरबदल किए हैं। 14 नवंबर, 2025 को Naishadh Dineshbhai Modi ने Managing Director और CFO के रूप में 5 साल के लिए जिम्मेदारी संभाली है। अब निवेशकों की नजरें 25 सितंबर, 2026 को होने वाली 52वीं Annual General Meeting पर टिकी हैं, जहां इन तमाम चुनौतियों पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
