FY26 में कैसा रहा Phyto Chem India का प्रदर्शन?
Phyto Chem India ने अपने FY26 के नतीजे जारी कर दिए हैं, जो कि चिंताजनक हैं। पिछले फाइनेंशियल ईयर के मुकाबले कंपनी का रेवेन्यू 36% गिर गया है और अब यह ₹9.07 करोड़ पर आ गया है। FY25 में यह ₹14.08 करोड़ था।
घाटे में बड़ा इजाफा
रेवेन्यू में गिरावट का सीधा असर कंपनी के मुनाफे पर हुआ है। Phyto Chem India का नेट लॉस बढ़कर ₹1.80 करोड़ हो गया है, जो कि पिछले साल ₹0.99 करोड़ था। यह बढ़त कंपनी के सामने मौजूद ऑपरेशनल चुनौतियों को दर्शाती है।
₹6.22 करोड़ का इंसॉल्वेंसी क्लेम
मामले को और गंभीर बनाते हुए, कंपनी ने M/s. Siri Smelters & Energy Private Limited के इंसॉल्वेंसी प्रोसीडिंग्स में ₹6.22 करोड़ का क्लेम ठोका है। यह रकम कंपनी की कुल इक्विटी ₹4.57 करोड़ (मार्च 2026 तक) के 135% से भी ज्यादा है। इस क्लेम की रिकवरी Phyto Chem India के लिए बेहद अहम होगी।
भविष्य की राह
कंपनी के सामने सबसे बड़ी चुनौती रेवेन्यू को फिर से बढ़ाना और घाटे को कम करना है। Siri Smelters के केस से जुड़े फैसले Phyto Chem India की वित्तीय स्थिति पर बड़ा असर डाल सकते हैं। निवेशकों की नजरें अब कंपनी की रिकवरी की योजनाओं पर टिकी रहेंगी।
जोखिमों पर एक नजर
कंपनी की मौजूदा स्थिति नाजुक लग रही है। करंट लायबिलिटी (₹22.79 करोड़) करंट एसेट्स (₹25.15 करोड़) से ज्यादा हैं, जो लिक्विडिटी की तंगी का संकेत देती है। Siri Smelters से ₹6.22 करोड़ की रिकवरी एक बड़ा अनिश्चितता का फैक्टर है।
