PI Industries ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कंपनी को CIB&RC से Pioxaniliprole के लिए रजिस्ट्रेशन मिल गया है, जो भारत में खोजा गया पहला स्वदेशी कीटनाशक (Insecticide) मॉलिक्यूल है।
क्या है यह बड़ी उपलब्धि?
PI Industries ने सेंट्रल इंसेक्टिसाइड्स बोर्ड एंड रजिस्ट्रेशन कमिटी (CIB&RC) से Pioxaniliprole के लिए आधिकारिक मंजूरी प्राप्त कर ली है। यह भारत के एग्रोकेमिकल सेक्टर के लिए एक मील का पत्थर है, क्योंकि यह देश में ही विकसित पहला कीटनाशक एक्टिव इंग्रीडिएंट है। इस मॉलिक्यूल को तैयार करने में 10 साल से अधिक का कठिन शोध और फील्ड ट्रायल शामिल रहा है।
क्यों अहम है यह कदम?
यह रजिस्ट्रेशन साबित करता है कि कंपनी अब केवल जेनेरिक प्रोडक्शन तक सीमित नहीं है, बल्कि एक इनोवेशन-लीड लाइफ साइंसेज कंपनी बन रही है। PI Industries के पास वर्तमान में 700 से अधिक वैज्ञानिक और 260 से ज्यादा पेटेंट्स की एक बड़ी टीम है। यह सफलता दर्शाती है कि कंपनी की भारी-भरकम R&D इन्वेस्टमेंट का असर अब जमीन पर दिखना शुरू हो गया है।
आगे की राह (Investor's Outlook)
वाइस चेयरपर्सन मयंक सिंघल के नेतृत्व में कंपनी ने इसे भारतीय कृषि विज्ञान की परिपक्वता करार दिया है। निवेशकों को अब यह ट्रैक करना चाहिए कि कंपनी इस मॉलिक्यूल को ग्लोबल मार्केट में कैसे पेश करती है और कमर्शियल तौर पर यह कितनी जल्दी रेवेन्यू जनरेट करना शुरू करता है।
