Nova Agritech ने FY26 के नतीजों का ऐलान किया है, जिसमें कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट गिरकर **₹12.84 करोड़** रह गया है, जो पिछले साल **₹27.42 करोड़** था। बायोस्टिमुलेंट लाइसेंसिंग में देरी और रेवेन्यू में **11%** की गिरावट के चलते कंपनी को इस बार दबाव झेलना पड़ा है। हालांकि, अब लाइसेंस रिन्यू हो चुके हैं और नई प्लांट कैपेसिटी बढ़ने से कंपनी को रिकवरी की उम्मीद है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस का हाल
कंपनी की ओर से जारी एनुअल रिपोर्ट के मुताबिक, इस फाइनेंशियल ईयर में कंसोलिडेटेड टोटल इनकम ₹261.76 करोड़ रही, जो पिछले साल ₹296.60 करोड़ थी। मुनाफे में आई यह गिरावट मुख्य रूप से बायोस्टिमुलेंट एक्ट के नए नियमों के कारण हुई, जिससे लाइसेंस रिन्यूअल में देरी हुई और कंपनी अपनी बिक्री नहीं कर पाई।
कैपेसिटी और ऑपरेशनल अपडेट
राहत की बात यह है कि जनवरी 2026 में क्रिटिकल लाइसेंस रिन्यू हो गए हैं और कामकाज पूरी तरह से पटरी पर आ गया है। कंपनी ने अपने फुटप्रिंट को भी बड़ा किया है:
- NATL की कैपेसिटी अब 14,592 MT है।
- NASPL की कैपेसिटी 13,269 MT तक पहुँच गई है।
मैनेजमेंट और बोर्ड में बदलाव
नतीजों के साथ-साथ कंपनी ने लीडरशिप में बदलाव की घोषणा की है। नवंबर 2025 में लक्ष्मी सतीश टाटा को CFO नियुक्त किया गया था। वहीं, 26 सितंबर 2026 को होने वाली AGM में मालती सिरिपुरापु और राजेश चेरुकुरी के डायरेक्टर पद पर दोबारा नियुक्ति के लिए वोटिंग होगी। फरवरी 2026 में किरण कुमार अडपा ने इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के पद से इस्तीफा दे दिया था।
आगे क्या होगा?
निवेशकों के लिए सबसे जरूरी यह देखना होगा कि नई फैसिलिटीज में बढ़ी हुई कैपेसिटी से कंपनी आने वाले फाइनेंशियल ईयर में प्रॉफिटेबिलिटी और रेवेन्यू को कितनी तेजी से बढ़ा पाती है। फिलहाल, मार्जिन का स्टेबल होना शेयर के लिए सबसे बड़ा ट्रिगर साबित हो सकता है।
