Kaveri Seed Company ने FY26 के नतीजों में दमदार प्रदर्शन दिखाया है। कंपनी का रेवेन्यू **16.25%** बढ़कर **₹1,303.77 करोड़** पर पहुंच गया है। हालांकि कॉटन सेगमेंट में चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन मक्का (Maize) की बंपर बिक्री ने कंपनी की ग्रोथ को मजबूती दी है।
फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर एक नजर
कंपनी की 39वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में जारी आंकड़ों के मुताबिक, Kaveri Seed का स्टैंडअलोन रेवेन्यू ₹1,303.77 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले 16.25% ज्यादा है। वहीं, कंपनी का नेट प्रॉफिट (PAT) 6.81% की बढ़ोतरी के साथ ₹283.26 करोड़ दर्ज किया गया है। अगर हम कंसोलिडेटेड आंकड़ों की बात करें, तो कंपनी ने ₹1,394.76 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया है।
मक्का (Maize) ने कैसे संभाली कमान?
कंपनी के लिए कॉटन सीड बिजनेस इस बार काफी मुश्किलों भरा रहा। अवैध बीजों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और लागत (Input costs) में उछाल ने मुनाफे पर दबाव बनाया। लेकिन कंपनी की डाइवर्सिफिकेशन स्ट्रैटेजी काम कर गई। नॉन-कॉटन सेगमेंट में 23% की ग्रोथ देखी गई, जिसमें मक्का का योगदान सबसे शानदार रहा। मक्का सेगमेंट में 40.17% का जबरदस्त उछाल आया है, जिसने कॉटन की सुस्ती की भरपाई कर दी है।
भविष्य की तैयारी और एक्सपेंशन
विकास को रफ्तार देने के लिए कंपनी ने 'Kaveri Integrated Research Centre' (KIRC) का उद्घाटन किया है, जो बायोटेक और ब्रीडिंग ऑपरेशन्स पर केंद्रित होगा। कंपनी अब अंतरराष्ट्रीय बाजारों, खासकर एशिया और अफ्रीका के ट्रॉपिकल क्षेत्रों में विस्तार पर ध्यान दे रही है। इसके अलावा, पामुलपर्थी (Pamulaparthy) में इंफ्रास्ट्रक्चर और कोल्ड स्टोरेज को भी अपग्रेड किया गया है ताकि सप्लाई चेन को और बेहतर बनाया जा सके।
रिस्क फैक्टर और आगे का रास्ता
भविष्य में निवेशकों को कॉटन सेगमेंट में अवैध बीजों की चुनौती और मानसून के मिजाज पर नजर रखनी होगी। कंपनी का बिजनेस पूरी तरह से खेती के चक्र पर निर्भर है, इसलिए मौसम की अनिश्चितता एक बड़ा रिस्क बनी हुई है। आने वाले समय में नए प्रोडक्ट्स की कमर्शियल लॉन्चिंग और इंटरनेशनल बिजनेस की परफॉर्मेंस शेयर की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
