Indo Us Bio-Tech ने FY26 के नतीजों का ऐलान कर दिया है। कंपनी का रेवेन्यू **₹110.44 करोड़** पर पहुंच गया है, लेकिन नेट प्रॉफिट घटकर **₹13.12 करोड़** रह गया है। नतीजों के साथ ही कंपनी ने मैनेजमेंट में बदलाव और ऑडिट से जुड़ी बड़ी चिंताओं का भी खुलासा किया है।
वित्तीय प्रदर्शन और मैनेजमेंट का रुख
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं, जिसमें रेवेन्यू ₹103.84 करोड़ से बढ़कर ₹110.44 करोड़ हो गया है। हालांकि, मुनाफे के मोर्चे पर कंपनी को झटका लगा है और नेट प्रॉफिट ₹13.12 करोड़ पर आ गया है। कंपनी ने इस बार किसी भी तरह के डिविडेंड की सिफारिश नहीं की है।
ऑडिट रिपोर्ट में गंभीर चिंताएं
निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय ऑडिट रिपोर्ट में सामने आई योग्यताएं (qualifications) हैं। ऑडिटर्स ट्रेड रिसीवेबल्स, पेयबल्स और कैश सेल्स के विवरण को वेरिफाई नहीं कर पाए। इतना ही नहीं, शेयर ट्रांसफर और संबंधित पार्टी ट्रांजेक्शन से जुड़े वैधानिक रजिस्टर (statutory registers) भी सत्यापन के लिए उपलब्ध नहीं थे। यह कॉर्पोरेट गवर्नेंस और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
बोर्डरूम और ऑडिटर में बदलाव
कंपनी के ऑडिटिंग ढांचे में बड़ा बदलाव हुआ है। M/s. Gautam N Associates ने 15 जून, 2026 को इस्तीफा दे दिया, जिसके बाद M/s. Bhagat & Associates को नया ऑडिटर नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, इंडिपेंडेंट डायरेक्टर Mrs. Neha Sachin Patel के इस्तीफे के बाद Mrs. Hemanshi Darsh Soni ने पद संभाला है।
निवेशकों के लिए आगे का रास्ता
आने वाले समय में कंपनी की साख इस बात पर टिकी होगी कि वह डिजिटल डेटाबेस और वैधानिक दस्तावेजों की कमी को कैसे दूर करती है। 30 सितंबर, 2026 को होने वाली 22वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर सबकी नजरें टिकी होंगी, जहां शेयरधारक मैनेजमेंट से ऑडिट ऑब्जर्वेशन और आंतरिक कामकाज पर सवाल पूछ सकते हैं।
