Indian Sucrose का प्रदर्शन FY26 में सुस्त रहा। कंपनी का रेवेन्यू **6.39%** गिरकर **₹510.77 करोड़** रह गया, जबकि नेट प्रॉफिट घटकर **₹31.10 करोड़** पर आ गया है।
मुनाफे पर क्यों लगा ब्रेक?
कंपनी के नतीजों पर इस बार ऑपरेशनल दिक्कतों का गहरा असर पड़ा है। शुगर प्रोडक्शन की बात करें तो, गन्ने की पेराई (Crushing) 104.29 लाख क्विंटल से घटकर 84.94 लाख क्विंटल रह गई। इसके अलावा, शुगर रिकवरी रेट भी 9.95% से गिरकर 9.51% पर आ गया है। वहीं, एक सेल्स टैक्स सेटलमेंट के चलते कंपनी को ₹17.05 करोड़ का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा, जिसने मुनाफे को काफी प्रभावित किया है।
नई राह: पेट्रोल और डीजल का बिजनेस
शुगर सेक्टर में बढ़ती अनिश्चितता को देखते हुए Indian Sucrose ने अब अपना फोकस डायवर्सिफाई करना शुरू कर दिया है। कंपनी ने पंजाब के मुकेरियां में GT रोड पर एक नया BPCL फ्यूल स्टेशन शुरू किया है, जिसके जरिए वे अब रेवेन्यू के नए स्रोत तलाश रहे हैं।
गवर्नेंस और कंप्लायंस पर अपडेट
कंपनी को साल 2025 में फाइलिंग में देरी के कारण BSE द्वारा जुर्माना भी लगाया गया था। मैनेजमेंट का कहना है कि वे अब अपनी इंटरनल सिस्टम को अपग्रेड कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी गलतियां न हों। इसके अलावा, ऑडिटर्स ने नोट किया है कि अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर में 'ऑडिट ट्रेल' फीचर 22 अप्रैल, 2025 से एक्टिवेट किया गया है।
इन्वेस्टर्स के लिए सुझाव: आने वाली तिमाहियों में यह देखना होगा कि कंपनी का नया पेट्रोल रिटेल बिजनेस कितना रेवेन्यू कमा पाता है और क्या वे शुगर रिकवरी रेट को वापस पुराने स्तर पर ला पाते हैं या नहीं।
