India Pesticides ने पहली तिमाही (Q1 FY27) के नतीजे जारी किए हैं, जिसमें कंपनी के रेवेन्यू में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले **9.2%** की गिरावट आई है। यह गिरावट मुख्य रूप से खराब मॉनसून और घरेलू बाजार में प्रमुख उत्पादों की मांग में कमी के कारण देखी गई है। कंपनी के मुनाफे (Profit) पर भी इसका असर पड़ा है।
तिमाही नतीजों का पूरा हाल
India Pesticides Ltd. ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में ₹256 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹282 करोड़ था। वहीं, मुनाफा (Profit After Tax - PAT) 34.3% घटकर ₹23 करोड़ रह गया, जबकि पिछले साल यह ₹35 करोड़ था। कंपनी के EBITDA में भी 25.0% की गिरावट आई और यह ₹39 करोड़ पर आ गया। EBITDA मार्जिन घटकर 15.4% रह गया, जो पिछले साल इसी अवधि में 18.4% था।
नतीजों पर भारी पड़ा खराब मॉनसून
कंपनी के मुताबिक, इस तिमाही में रेवेन्यू में आई गिरावट की मुख्य वजह घरेलू बाजार में मांग का कमजोर रहना है। खासकर, देश भर में अनियमित मॉनसून के चलते 'Pretilachlor' जैसे हर्बिसाइड की मांग पर बुरा असर पड़ा है। इसके अलावा, उत्पादन लागत में बढ़ोतरी और एक बार के एक्सपोर्ट रिसीवेबल राइट-ऑफ (Export Receivable Write-off) ने भी कंपनी के मुनाफे को प्रभावित किया है।
आगे क्या उम्मीदें?
कंपनी अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो (Product Portfolio) को मजबूत करने पर काम कर रही है। FY27 में नए मॉलिक्यूल्स (Molecules) को लॉन्च करने की योजना है, ताकि किसी एक प्रोडक्ट पर निर्भरता कम हो सके। हमीरपुर प्लांट (Hamirpur Facility) के दो ब्लॉक ऑपरेशनल हो चुके हैं, जिनसे भविष्य में रेवेन्यू में योगदान की उम्मीद है। यूरोपियन यूनियन (EU) से एक फंगीसाइड (Fungicide) के लिए 'टेक्निकल इक्विवेलेंस' (Technical Equivalence) अप्रूवल मिलने से कंपनी को एक नया ग्रोथ का रास्ता मिला है, जिससे 2026 के अंत से सालाना ₹30-40 करोड़ का अतिरिक्त रेवेन्यू मिल सकता है।
जोखिम पर भी डालें नजर
आगे भी अनियमित मॉनसून एग्रोकेमिकल (Agrochemical) मांग के लिए एक बड़ा जोखिम बना हुआ है। कंपनी के पास फिलहाल करीब 200 दिनों का इन्वेंटरी (Inventory) स्टॉक है, जिसे सामान्य स्तर पर लाने की चुनौती है। चीनी आयात (Chinese Imports) सहित कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच कंपनी को अपनी उत्पादन प्रक्रिया (Process Efficiency) और R&D पर लगातार ध्यान देना होगा।
