Godrej Agrovet ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 में ₹10,000 करोड़ से ज़्यादा का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू पार कर लिया है और रिकॉर्ड प्रॉफिट दर्ज किया है। कंपनी ने **110%** फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया है और SAP S/4HANA Wave 1 को भी सफलतापूर्वक लागू किया है।
Godrej Agrovet ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹10,339 करोड़ का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू दर्ज किया है, जो पिछले साल के ₹9,426 करोड़ की तुलना में 9.7% ज़्यादा है। इसी के साथ, कंपनी ने अपने इतिहास का सबसे ज़्यादा प्रॉफिट भी दर्ज किया है। कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 13.7% बढ़कर ₹439 करोड़ हो गया, जो पिछले साल ₹386 करोड़ था। कंसोलिडेटेड EBITDA में भी 10.8% की बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹936 करोड़ रहा।
शेयरधारकों ने 110% यानी ₹11 प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड को भी मंजूरी दे दी है। कंपनी के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में SAP S/4HANA Wave 1 का सफलतापूर्वक लागू होना एक बड़ा कदम है।
₹10,000 करोड़ का रेवेन्यू पार करना Godrej Agrovet के लिए बड़ा ऑपरेशनल स्केल और मार्केट पैठ का संकेत देता है। रिकॉर्ड मुनाफे ने कंपनी की एफिशिएंसी और बेहतर मार्जिन मैनेजमेंट को दर्शाया है। शेयरधारकों को डिविडेंड के रूप में अच्छा रिटर्न मिला है, वहीं डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन भविष्य में कंपनी की ऑपरेशनल कैपेबिलिटीज और कस्टमर एक्सपीरियंस को बेहतर बनाने में मदद करेगा।
पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY 2024-25) में, Godrej Agrovet का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू ₹9,426 करोड़ और PAT ₹386 करोड़ था। कंपनी अपने कोर बिजनेस को मजबूत करने और बैलेंस शीट को ऑप्टिमाइज़ करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है। नेट वर्किंग कैपिटल डेज़ को FY 2025-26 में घटाकर 25 दिन कर दिया गया, जो पिछले साल 39 दिन था। ROCE भी 16% से सुधरकर 20% हो गया।
कंपनी के एनिमल न्यूट्रिशन (Animal Nutrition) और ऑयल पाम (Oil Palm) सेगमेंट से ग्रोथ जारी रहने की उम्मीद है। Astec LifeSciences का EBITDA ब्रेक-ईवन पर आना एक पॉजिटिव संकेत है। मैनेजमेंट ने प्रमुख डायरेक्टर्स और चेयरपर्सन की री-अपॉइंटमेंट भी सुरक्षित कर ली है।
हालांकि, 2026 के लिए सामान्य से कम मॉनसून का अनुमान खरीफ की बुवाई और एग्री इनपुट डिमांड को प्रभावित कर सकता है। जियोपॉलिटिकल टेंशन और ट्रेड पॉलिसी में बदलाव जैसे मैक्रोइकोनॉमिक अनिश्चितताएं इनपुट कॉस्ट और मार्केट डिमांड के लिए संभावित जोखिम पैदा कर सकती हैं।
कंपनी के एनिमल न्यूट्रिशन सेगमेंट में वॉल्यूम 12% बढ़ा है, जबकि ऑयल पाम सेगमेंट में मुनाफे में 68% का उछाल आया है।
निवेशक क्रॉप केयर (Crop Care) और डेयरी सेगमेंट के प्रदर्शन पर भी नजर रखेंगे। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन स्ट्रेटेजी का एग्जीक्यूशन और मौसम व जियोपॉलिटिकल चुनौतियों से निपटने की कंपनी की क्षमता भविष्य की ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण होगी।
