Best Agrolife के लिए FY26 काफी चुनौतीपूर्ण रहा है। कंपनी का रेवेन्यू **30.7%** गिरकर **₹1,256.67 करोड़** रहा, जबकि नेट प्रॉफिट (PAT) में **87.3%** की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह महज **₹8.87 करोड़** रह गया है। खराब नतीजों के बावजूद बोर्ड ने **₹0.10** प्रति शेयर डिविडेंड की सिफारिश की है।
क्या रहे आंकड़े?
कंपनी के ऑपरेशन्स से रेवेन्यू पिछले साल के ₹1,814.31 करोड़ से घटकर इस बार ₹1,256.67 करोड़ रह गया है। वहीं, EBITDA भी आधा होकर ₹100 करोड़ पर आ गया है, जिससे मार्जिन 8% के स्तर पर बना हुआ है। एग्रोकेमिकल सेक्टर में खराब मौसम और इन्वेंटरी के दबाव के कारण कंपनी ने चौथी तिमाही में जानबूझकर बिक्री को टाला ताकि कीमतों में गिरावट को रोका जा सके।
राहत की बात क्या है?
बुरे नतीजों के बीच मैनेजमेंट ने कुछ सकारात्मक बदलावों पर जोर दिया है:
- ऑपरेशनल एफिशिएंसी: कंपनी ने अपने ऑपरेटिंग खर्चों को 15% तक कम किया है।
- इन्वेंटरी मैनेजमेंट: कंपनी ने अपनी इन्वेंटरी लेवल को ₹122 करोड़ तक घटाने में कामयाबी हासिल की है।
- पैटेन्ट पोर्टफोलियो: ब्रांडेड सेल्स में पैटेन्ट उत्पादों की हिस्सेदारी 30% (FY25) से बढ़कर अब 41% हो गई है।
कॉरपोरेट एक्शन और रिस्क
बोर्ड ने प्रति शेयर ₹0.10 के फाइनल डिविडेंड की सिफारिश की है, जो 29 सितंबर 2026 के बाद दिया जाएगा। इसके अलावा, शेयरधारकों को Kashmir Chemicals के साथ ₹250 करोड़ के संभावित ट्रांजैक्शन पर भी वोट करना होगा।
वहीं, चिंता की बात यह है कि दिसंबर 2024 में जारी किए गए वारंट्स जून 2026 में लैप्स हो गए, जिससे कंपनी को ₹37.50 करोड़ की कैपिटल जब्त (Forfeiture) करनी पड़ी। अब निवेशकों की नजरें कंपनी के नए B2B टेक्निकल सप्लाई बिजनेस और ब्राजील में प्रस्तावित सब्सिडियरी की प्रोग्रेस पर टिकी होंगी।
