Avadh Sugar & Energy ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का मुनाफा ₹87.94 करोड़ से घटकर ₹57.31 करोड़ पर आ गया, जिसका मुख्य कारण गन्ने की बढ़ती लागत है। हालांकि, कंपनी ने ₹10 प्रति शेयर के डिविडेंड की सिफारिश की है।
Avadh Sugar & Energy FY26 नतीजों पर एक नज़र
Avadh Sugar & Energy Ltd ने 31 मार्च 2026 को समाप्त हुए वित्तीय वर्ष के लिए अपने नतीजे घोषित किए हैं। कंपनी का मुनाफा (PAT) पिछले साल के ₹87.94 करोड़ की तुलना में घटकर ₹57.31 करोड़ रहा। वहीं, कंपनी के ग्रॉस रेवेन्यू में 2.20% की मामूली बढ़ोतरी हुई और यह ₹2,693.52 करोड़ दर्ज किया गया।
मुनाफे पर क्यों पड़ा असर?
नतीजों के अनुसार, कंपनी का प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) भी पिछले साल के ₹135.91 करोड़ से घटकर ₹88.42 करोड़ हो गया। EBITDA में भी गिरावट देखी गई, जो ₹224.07 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹279.82 करोड़ था। इन आंकड़ों से साफ है कि रेवेन्यू में बढ़ोतरी के बावजूद, कंपनी की लाभप्रदता (profitability) पर दबाव बढ़ा है। इसका मुख्य कारण गन्ने की खरीद लागत में हुई वृद्धि है।
₹10 प्रति शेयर डिविडेंड का ऐलान
मुनाफे में गिरावट के बावजूद, कंपनी के मैनेजमेंट ने शेयरधारकों के लिए ₹10 प्रति शेयर के डिविडेंड (dividend) की सिफारिश की है। यह भविष्य के कैश फ्लो पर मैनेजमेंट के भरोसे को दर्शाता है, और कंपनी शेयरधारकों को रिटर्न देने के साथ-साथ अपने व्यावसायिक जरूरतों को भी संतुलित करना चाहती है।
कंपनी की आगे की रणनीति
Avadh Sugar & Energy, जो चीनी, इथेनॉल और पावर सेक्टर में काम करती है, अपनी परिचालन दक्षता (operational efficiency) और क्षमता विस्तार पर जोर दे रही है। कंपनी ने अपने Hargaon यूनिट में क्रशिंग क्षमता बढ़ाई है। साथ ही, जोखिमों को कम करने के लिए रोग-प्रवण गन्ना किस्मों से हटकर नई किस्मों को अपनाने पर भी काम कर रही है।
निवेशकों को इन बातों पर रखना होगा ध्यान
जानकारों के मुताबिक, निवेशकों को भविष्य में राज्य द्वारा तय गन्ने की कीमतों में बढ़ोतरी, मॉनसून पर निर्भरता और चीनी निर्यात व इथेनॉल सम्मिश्रण (blending) से जुड़े सरकारी नियमों पर बारीकी से नजर रखनी होगी। ये सभी कारक कंपनी की भविष्य की लाभप्रदता को प्रभावित कर सकते हैं।
