Apex Frozen Foods का FY26 का दमदार प्रदर्शन
Apex Frozen Foods Ltd. ने पूरे वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने बताया कि उसका नेट रेवेन्यू पिछले साल के ₹813.6 करोड़ से बढ़कर ₹931.1 करोड़ हो गया है। वहीं, प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) में तो गजब की उछाल आई है, जो पिछले साल के ₹3.9 करोड़ से बढ़कर ₹38.8 करोड़ पर पहुँच गया है। कंपनी का EBITDA भी ₹29.7 करोड़ (FY25) से बढ़कर ₹72.9 करोड़ (FY26) हो गया है। कंपनी का बैलेंस शीट भी मजबूत हुआ है, नेट डेट टू इक्विटी रेशियो (Net Debt to Equity ratio) घटकर -0.02 पर आ गया है।
यूरोपीय यूनियन (EU) में सफलता का राज
यह शानदार प्रदर्शन इस बात का सबूत है कि Apex Frozen Foods अच्छी रिकवरी कर रही है। कंपनी के शेयरहोल्डर्स (Shareholders) के लिए यह खबर अच्छी है। कंपनी की यूरोपीय यूनियन (EU) में बढ़ती मौजूदगी एक बड़ी रणनीति साबित हुई है। इस कदम ने अमेरिका (US) के बाजार में आ रही दिक्कतों का असर कम करने में मदद की है, जो कंपनी की बदलती व्यापारिक परिस्थितियों के अनुकूल ढलने की क्षमता को दर्शाता है।
अमेरिकी टैरिफ (Tariff) के जोखिमों से बचाव
पहले Apex Frozen Foods को अमेरिका (USA) में टैरिफ (Tariff) और ट्रांसपोर्टेशन (Transportation) की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। इसी वजह से कंपनी ने यूरोपियन यूनियन (EU) में अपने कारोबार को बढ़ाने पर खास ध्यान दिया। FY26 के नतीजे बताते हैं कि यह रणनीति कितनी सफल रही है।
EU मार्केट का बढ़ता दबदबा
कंपनी का EU मार्केट से आने वाला रेवेन्यू (Revenue) FY24 के 26% से बढ़कर FY26 में 47% हो गया है। इस ज्योग्राफिकल डाइवर्सिफिकेशन (Geographical Diversification) से कंपनी को एक स्थिर आय का स्रोत मिलने की उम्मीद है और खासकर US जैसे एक बाजार पर निर्भरता का जोखिम कम होगा।
आगे क्या देखना होगा?
हालांकि, कंपनी के सामने अभी भी कुछ जोखिम हैं। अमेरिका (US) में टैरिफ (Tariff) और भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical Tensions) के कारण अनिश्चितताएं बनी हुई हैं। इसके अलावा, झींगा निर्यात (Shrimp Export) उद्योग में मांग में उतार-चढ़ाव, बीमारियों का प्रकोप और कीमतों में अस्थिरता भी भविष्य में मुनाफे को प्रभावित कर सकती है।
